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नजर में नतीजे, बरसात और महँगाई |
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Written by शेयर मंथन
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Friday, 25 June 2010 10:07 |
चेतन शर्मा, सलाहकार संपादक, ज़ी बिजनेस
एक अजनबी बाजार से यूँ मुलाकात हो गयी फिर क्या हुआ ये ना पूछो नुकसान की बात हो गयी
सौदा अचानक आ गया यूँ नजर के सामने जैसे निकल आया घटा से चांद एक अजनबी बाजार से यूँ मुलाकात हो गयी जानेमन जाने-जिगर होता मैं शायर अगर कहता गजल बाजार की अदाओं पर मैं ने ये कहा तो मुझसे खफा हो चढ़ते-चढ़ते निफ्टी गिर गयी एक अजनबी बाजार से यूँ मुलाकात हो गयी खूबसूरत बात ये चार दिन की चांदनी में सारी उमर मुझको रहेगा याद मैं नासमझ था मगर समझता कुछ और मगर सब समझ के बाहर हो गयी एक अजनबी बाजार से यूँ मुलाकात हो गयी फिर क्या हुआ ये ना पूछो नुकसान की बात हो गयी और बात हुई वाल स्ट्रीट पर कल रात जब फेड ने आर्थिक चुनौती की रखी बात और जी20 बैठक के पहले है विवाद क्या स्टिमुलस हटायें अभी या फिर कुछ देर बाद जोर पकड़ा है रिलायंस की शेल गैस का किस्सा एटसल के बाद पॉयनियर का जेब मे किया हिस्सा पर खाद्य महँगाई से नहीं मिला चैन फिर से 17 फीसदी से मिला रही है नैन शुरू होगी आज जुलाई सेट्लमेंट की लड़ाई नजर पर रहेंगे तिमाही नतीजे बरसात और महँगाई (शेयर मंथन, 25 जून 2010) |
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Last Updated ( Friday, 25 June 2010 10:14 )
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