चेतन शर्मा, सलाहकार संपादक, ज़ी बिजनेस
हरे रंग पे ना इतना गुमान कर हरा रंग कुछ दिन में ढल जायेगा
क्या बात कही है हाय तौबा ये दिल बेईमान मचल जायेगा वसूल लो कुछ मुनाफा अभी इससे पहले वो जल जायेगा पूँजी मिट जाती है ये सट्टे की प्यास नहीं मिटती मर-मर के जीने की आस नहीं बुझती हालाँकि आजकल बाजार जी रहा है और खरीदार मुनाफे की घुट्टी पी रहा है लेकिन समय-समय पर बेचो अपनी लिवाली रोज-रोज बाजार में नहीं रहती दिवाली अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल से चलेगा दलाल स्ट्रीट चूँकि यहाँ पर ऐसा कुछ नहीं जो दिला सकता है हार-जीत एनएमडीसी के एफपीओ पर होगी नजर बाजार से पैसा निकलने का रहेगा डर फार्मा कंपनियो में एफडीआई कसने की आ रही है खबर रिलायंस को कावेरी बेसिन पर हाइड्रो कार्बन मिलना है तय एलआईसी का बैक बनने का भी लगता है आ गया समय कुल मिलाकर बजट के बाद का हफ्ता रहा बेहतर चार्ट्स पर आने वाला हफ्ता भी लगता है ऊपर बस मार्च की सालाना गिरावट से लगता है डर (शेयर मंथन, 08 मार्च 2010) |
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Last Updated ( Monday, 08 March 2010 09:05 )
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