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अभी निफ्टी को 5400 पर बाधा मिल रही है, लेकिन मुझे लगता है कि यह बाधा पार होने पर भारतीय शेयर बाजार में एक और बड़ी उछाल आ सकती है।
यह उछाल निफ्टी को करीब 5700 तक ले जा सकती है। वहीं अगर निफ्टी 5400 पार न कर पाये और 5300 से नीचे चला जाये तो उसके बाद 100-150 अंक की और गिरावट आ सकती है। लेकिन 5150-5200 से ज्यादा नीचे के स्तर आने की संभावना अभी नहीं लग रही। पिछले कुछ दिनों में निश्चित रूप से बाजार की धारणा बदली है। ऐसा इसलिए हो सका कि बाजार में नयी खरीदारी आयी है। लेकिन अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएँ तो अब भी हैं, खास कर विकास दर धीमी पड़ने को ले कर। अगले एक हफ्ते में तिमाही नतीजों का दौर लगभग पूरा हो जायेगा और इसके बाद बाजार की निगाह खास कर दो बातों पर होगी। एक तो विधानसभाओं के चुनाव और फिर आम बजट। इन दो बड़ी घटनाओं के चलते अभी बाजार में कोई इकतरफा नजरिया नहीं ले पा रहा है। बाजार में आम धारणा यह बन रही है कि अगर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अच्छा करे और उसके समर्थन से मुलायम सिंह की सरकार बने तो इससे केंद्र में यूपीए सरकार को मजबूती मिलेगी। वैसी हालत में कांग्रेस ममता बनर्जी की ज्यादा चिंता किये बिना कुछ सुधारों को आगे बढ़ा सकेगी। दरअसल कांग्रेस के पास अगले लोकसभा चुनावों से पहले केवल यही बजट होगा, जिसमें वह कुछ गंभीर कदम उठा सके। अगर मुलायम सिंह के बदले मायावती की ही सरकार कांग्रेस के समर्थन से बने तो इसमें भी कांग्रेस फायदे में ही रहेगी, मुलायम सिंह के साथ चलना उसके लिए ज्यादा सुविधाजनक होगा। विजय भूषण, निदेशक, भारत भूषण एंड कंपनी (Vijay Bhushan, Director, Bharat Bhushan & Co.) (शेयर मंथन, 08 फरवरी 2012) |
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Last Updated ( Wednesday, 08 February 2012 11:51 )
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