नीरज दीवान, निदेशक, क्वांटम सिक्योरिटीज
सबकी नजरें अभी बजट पर ही टिकी हैं और लोग नये निवेश के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं।
लेकिन मुझे लगता है कि बजट की शुरुआती प्रतिक्रिया जैसी भी रहे, उसके बाद बाजार तेज होगा। अगर आप विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) को देखें तो आरईसी के इश्यू में उन्होंने अच्छा निवेश किया। पिछले 2 दिनों से बाजार में वे अच्छी खरीदारी कर रहे हैं। दरअसल पहले उनकी जो बिकवाली आयी थी, वह यूरोप और डॉलर की चिंताओं के साथ-साथ बैंकिंग के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रस्तावित नये नियमों के चलते थी। लेकिन अब एफआईआई फिर से भारतीय बाजार में खरीदारी में रुचि दिखा रहे हैं। कल के रेल बजट को देख कर लगता है कि आम बजट में भी उद्योगों पर कोई खास बोझ नहीं डाला जायेगा। बाजार में सौदों की स्थिति भी इस समय काफी हल्की है और ज्यादा रोलओवर होता नहीं दिख रहा है। इसलिए बजट का डर खत्म होने के बाद बाजार तेज हो सकता है। मेरी सलाह रहेगी कि अगर हाथ में नकदी पड़ी हो तो बजट से पहले उसका 30-40% निवेश किया जा सकता है। बजट की प्रतिक्रिया में अगर बाजार गिरता भी है तो शुरुआती झटके के बाद यह ऊपर जायेगा। और अगर बजट के बाद बाजार में मजबूती आती है तो वह रुझान जारी रह सकता है। इसलिए अगर बजट के बाद गिरावट आये तो दिग्गज शेयरों में निवेश का मौका मिलेगा। अपनी बाकी नकदी का निवेश उस मौके पर कर सकते हैं। अगर बजट के बाद बाजार तेज हो तो चुनिंदा शेयरों में निवेश करें जिन्हें बजट से फायदा होता दिखे। (शेयर मंथन, 25 फरवरी 2010) |
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Last Updated ( Thursday, 25 February 2010 09:49 )
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