गजेंद्र नागपाल, सीईओ, यूनिकॉन फाइनेंशियल सर्विसेज
इस समय बाजार अच्छा ही लग रहा है, लेकिन यह कहना मुश्किल है मौजूदा तेजी कहाँ तक जा सकेगी।
बजट के बाद बाजार में काफी तेजी आ चुकी है। यह कह सकते हैं कि घरेलू बातें मौजूदा बाजार भावों में दिख चुकी हैं। इसलिए बाजार की दिशा अब वैश्विक संकेतों के साथ चलेगी। आज अंतरराष्ट्रीय संकेत ठंडे हैं, इसलिए सेंसेक्स-निफ्टी भी ठंडे दिख रहे हैं। निफ्टी को पहले भी 5050-5100 के बीच में चुनौती झेलनी पड़ी थी और इस बार भी ऐसा हो सकता है। दिग्गज शेयरों में काफी तेजी आ चुकी है, इसलिए यह हो सकता है कि अब बाजार मँझोले शेयरों पर ज्यादा ध्यान दे और उनमें तेजी रहे। इसके चलते चढ़ने-गिरने वाले शेयरों का अनुपात सकारात्मक बना रह सकता है। अभी निवेशकों के लिए यही सलाह है कि वे बाजार में अपना रुख सकारात्मक ही रखें, लेकिन चुनिंदा मौकों की तलाश करें। मुझे लगता है कि अभी धातु क्षेत्र में मजबूती रहेगी। साथ ही रियल एस्टेट से भी मुझे उम्मीदें हैं। बजट के बाद लोगों ने इस क्षेत्र को एकदम से नकार दिया। लेकिन ध्यान देने की बात है कि हाल में रियल एस्टेट कंपनियों ने अपनी कीमतें बढ़ायी हैं। अगर कोई क्षेत्र कीमतें बढ़ा सके या अपनी बढ़ी लागत ग्राहकों पर डाल सके, तो इसका मतलब है कि वहाँ अच्छी माँग उभर रही है। रियल एस्टेट कंपनियों की कीमत बढ़ाने की क्षमता पूरी तरह वापस आ गयी है, यह तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन कुछ हद तक यह क्षमता दिखने लगी है। (शेयर मंथन, 04 मार्च 2010) |
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Last Updated ( Thursday, 04 March 2010 09:57 )
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