सलिल शर्मा, पार्टनर, कपूर शर्मा एंड कंपनी
अभी बाजार में केवल तकनीकी नजरिये से देखें तो कमजोरी के संकेत नजर रहे हैं।
अगर बजट में कुछ खास हो जाये, जैसे सरकारी घाटे में काफी कामी हो या सब्सिडी सुधार पर बड़े कदम उठाये जायें तो बात अलग है। लेकिन चार्ट के हिसाब से बाजार में गिरावट की संभावना ज्यादा लगती है। मेरी सलाह रहेगी बजट से पहले अभी सौदे नहीं करें। निफ्टी केवल 70 अंक के छोटे दायरे में अटक गया है और इस दायरे में सौदे करने का कोई फायदा नहीं है। बजट के बाद अगर बाजार नीचे जाता है और निफ्टी 4800 के नीचे फिसलता है, तब बिकवाली (शॉर्ट) सौदे किये जा सकते हैं। दूसरी ओर, अगर बजट के बाद निफ्टी 4930 के ऊपर निकले, तब खरीदारी (लॉन्ग) सौदे किये जा सकते हैं। अगर हम बजट को भूल जायें और केवल तकनीकी नजरिये से सोचें तो बाजार में कमजोरी ही दिखती है। नीचे की ओर निफ्टी का लक्ष्य 4670 का बनता है। अगर मध्यम अवधि में, यानी अगले 3-6 महीनों में यह स्तर टूट जाये तो निफ्टी 4150 तक टूट सकता है। लेकिन उस स्तर की बात सोच कर अभी से सौदे नहीं करने चाहिए। पहले 4670 का स्तर टूटे, तभी उसके आगे की बात सोचें। बाजार के मजबूत होने के लिए जरूरी होगा कि निफ्टी 4950 को पार कर 2-3 दिन इसके ऊपर बंद हो सके। वैसा होने पर ही मजबूती की धारणा बना कर सौदे करें। अगर ऐसा होता है तो निफ्टी का लक्ष्य 5300 का होगा। (शेयर मंथन, 26 फरवरी 2010) |
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Last Updated ( Friday, 26 February 2010 10:22 )
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