अशोक अग्रवाल, प्रमुख, एस्कॉर्ट्स सिक्योरिटीज
भारतीय बाजार आज सकारात्मक लग रहा है और निफ्टी 5450-5520 के दायरे में रह सकता है।
लेकिन मुझे बाजार की मौजूदा तेजी के बरकरार रहने की उम्मीद कम लग रही है। दरअसल इस समय बाजार को बैंक और आईटी शेयर ऊपर ले जा रहे हैं। लेकिन टेलीकॉम, धातु (मेटल) और तेल-गैस जैसे अहम क्षेत्र इस तेजी में भागीदारी नहीं कर रहे हैं। लेकिन अगर यूरोप से अच्छी खबरें आती हैं और एफआईआई नयी चाल (ब्रेकआउट) पर अपनी खरीदारी बढ़ा देते हैं तो बाजार नयी ऊँचाई भी छू सकता है। मेरे हिसाब से निफ्टी अगर 5550-5570 का दायरा तोड़ देता है तो यह 6,000 और इसके बाद 6300 पर भी जा सकता है। हालाँकि अगस्त सीरीज में निफ्टी 5600 के ऊपर जाने की उम्मीद कम है। वहीं अगर गिरावट की बात करें तो निफ्टी मुझे 5220 के नीचे जाता नहीं दिखता। अभी इतनी गिरावट की आशंका कम ही है। बाजार में अभी चुनिंदा शेयर ही चल रहे हैं। ऐसे में दवा (फार्मा) क्षेत्र की मँझोली कंपनियों, इन्फ्रास्ट्रक्चर और टेलीकॉम क्षेत्र की चुनिंदा कंपनियों में निवेश किया जा सकता है। यह सही है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार की तेजी में भागीदारी नहीं कर रहा है। दरअसल कंपनी का ग्रॉस रिफानिंग मार्जिन अच्छा नहीं रहा है। साथ ही कच्चे तेल की कीमत अभी एक दायरे में ही है। लेकिन रिलायंस में निचले स्तरों से खरीदारी उभर सकती है। (शेयर मंथन, 19 अगस्त 2010) |
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Last Updated ( Thursday, 19 August 2010 09:54 )
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