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हाल में भारतीय शेयर बाजार काफी बढ़ा है, इसलिए इन स्तरों पर यह थोड़ा जमने की कोशिश कर सकता है।
लेकिन इस दौरान जब भी आपको नीचे के भाव मिलें तो उस समय खरीदारी करना ही ठीक रहेगा। भारतीय बाजार का सबसे बुरा दौर बीत रहा है। हालाँकि जनवरी से मार्च के दौरान यहाँ उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन इसी बीच आपके लिए पोर्टफोलिओ बनाने का भी अच्छा समय रहेगा। मुझे लगता है कि अप्रैल से बाजार में तेजी आनी चाहिए। दिसंबर तक निफ्टी के लिए 6000 का लक्ष्य रहेगा। हाल में अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में कुछ खास नरमी नहीं आयी है। जब वहाँ नरमी आयेगी तो हमारे यहाँ भी गिरावट आ सकती है। लेकिन वह गिरावट खरीदारी का मौका देगी। ध्यान देने की बात है कि पिछले साल अमेरिकी बाजार 5% बढ़ा, जबकि हमारा बाजार 25% गिर गया। हर साल तो ऐसा नहीं होगा। आगे यह हो सकता है कि वहाँ गिरावट आये, लेकिन हमारा बाजार बढ़े। जहाँ तक बाजार की धारणा बदलने की बात है, आप निफ्टी 500 अंक गिरा दें तो लोगों की धारणा फिर से नकारात्मक हो जायेगी। दिसंबर में कोई तेजी की बातें नहीं कर रहा था। राजेश जैन, ईवीपी, रिटेल रिसर्च, रेलिगेयर सिक्योरिटीज (Rajesh Jain, EVP, Retail Research, Raligare Securities) (शेयर मंथन, 18 जनवरी 2012) |
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Last Updated ( Wednesday, 18 January 2012 11:05 )
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