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आज भारतीय शेयर बाजार पर वायदा सेट्लमेंट और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के फैसले का दबाव रहेगा।
इस समय बाजार के सामने दो महत्वपूर्ण घटनाएँ हैं, एक तो भारतीय रिजर्व बैंक को आज ब्याज दरों पर फैसला करना है, और दूसरी तरफ यूरोप में कल शिखर सम्मेलन हो रहा है। मेरा मानना है कि कल यूरोप के शिखर सम्मेलन में जो भी फैसला होगा, उसके बाद ही बाजार के लिए अगली दिशा तय होगी। हालाँकि विदेशी बाजारों की चाल देख कर लगता है कि सब अच्छा रहने की उम्मीद की जा रही है। लेकिन यह कहना काफी आशावादी होगा कि इस शिखर सम्मेलन के फैसले से सब ठीक हो जायेगा। फिर भी कल की बैठक काफी महत्वपूर्ण है। अभी पहले से अनुमान लगाना मुश्किल है कि इस सम्मेलन में से क्या निकल कर आयेगा। अमेरिकी बाजारों में धारणा काफी सकारात्मक लग रही है। लेकिन हमें बैठक का नतीजा देखना होगा। बेहतर होगा कि पहले उसका इंतजार कर लिया जाये। अगर इस सम्मेलन से कुछ सकारात्मक निकल कर आता है तो भारतीय बाजार में भी एक उछाल आ सकती है और निफ्टी 5600-5700 तक जा सकता है। दूसरी ओर अगर इससे बाजार को निराशा हाथ लगती है तो निफ्टी को 4700 तक फिसल सकता है। वहाँ इसे कुछ सहारा मिलेगा, लेकिन वहाँ इस पर नजर रखनी होगी। शर्मिला जोशी, इक्विटी प्रमुख, फेयरवेल्थ सिक्योरिटीज (Sharmila Joshi, Equity Head, Fairwealth Securities) (शेयर मंथन, 25 अक्टूबर 2011) |
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Last Updated ( Tuesday, 25 October 2011 10:26 )
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