|
इस समय शेयर बाजार काफी खास स्तर पर है और निफ्टी 5500 के पास आ गया है।
निफ्टी के 5500 पार होने पर बिकवाली सौदे कटने (शॉर्ट कवरिंग) की वजह से एक उछाल आ सकती है। मुझे लगता है कि अब इसे 5600-5700 के पास तक जाना चाहिए। यह बात ठीक है कि बाजार में जनवरी से अब तक जो उछाल आयी, उस पर लोग शक करते रहे, लेकिन बाजार हमेशा शक के बीच ही बढ़ता है। यह कहा जा सकता है कि बाजार में अब आगे बढ़त की गुंजाइश सीमित दिख रही है। तुरंत इन स्तरों से ज्यादा ऊपर चढ़ पाने का भी कोई कारण नहीं दिखता है। इस लिहाज से बाजार अपने दायरे के ऊपरी छोर के पास जरूर है। मुनाफावसूली के चलते यह कुछ नीचे भले ही आ जाये, लेकिन इसके ज्यादा नीचे गिरने का भी अभी कोई कारण नहीं दिख रहा है। आगे विनिवेश प्रक्रिया पर नजर रखनी चाहिए। सरकारी कंपनियों में विनिवेश शुरू होने पर विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का पैसा एफपीओ की ओर मुड़ सकता है। उस स्थिति में बाजार की तेजी कुछ रुक सकती है। फिलहाल सूचकांक पर ज्यादा ध्यान देने के बदले चुनिंदा शेयरों में निवेश करना चाहिए। मुझे महिंद्रा एंड महिंद्रा, गेल और अडानी इंटरप्राइजेज ठीक लग रहे हैं। बैंकिंग क्षेत्र भी अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। इसमें निजी और सरकारी दोनों तरह के शेयरों को चुना जा सकता है। देवेन चोकसी, एमडी, केआर चोकसी सिक्योरिटीज (Deven Choksey, MD, KR Choksey Securities) (शेयर मंथन, 15 फरवरी 2012) |
|
Last Updated ( Wednesday, 15 February 2012 11:19 )
|