धर्मेश पंचोली, निवेश सलाहकार
भारतीय शेयर बाजार अभी एक दायरे में लग रहा है, क्योंकि गिरावट की संभावना सीमित है और ज्यादा बढ़त की गुंजाइश भी नहीं दिख रही है।
निफ्टी को कुछ समय तक 5000 से 5300 के दायरे में रहना चाहिए। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार ज्यादा नकारात्मक हो जायें या फिर यहाँ घरेलू राजनीति में कोई चिंता उभरे, तभी निफ्टी 5000 के नीचे जायेगा। लेकिन इन दोनों बातों की संभावना कम ही लग रही है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था कुछ सँभल रही है। ग्रीस का कर्ज संकट भी नियंत्रण में आता दिख रहा है। राजनीतिक चिंता की थोड़ी संभावना इसलिए बन रही है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर कुछ हंगामा हो सकता है। ऐसा होने पर बाजार में कुछ मनोवैज्ञानिक असर होगा। लेकिन अगर बजट आसानी से पारित हो जाता है तो निफ्टी 100-200 अंक तक की बढ़त मिल सकती है। कुल मिलाकर बाजार अभी एक सीमित दायरे में रह सकता है। कोई नकारात्मक वजह नहीं होने से गिरावट की संभावना कम है। लेकिन मार्च का महीना होने के चलते तेजी की उम्मीद भी नहीं है। मार्च-अंत का असर हमारे बाजार में दिखता ही है। ऐसा हो सकता है कि कुछ समय तक दिग्गज शेयरों में ज्यादा हलचल नहीं हो, लेकिन छोटे-मँझोले शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रहे। सस्ते मूल्यांकन पर मिल रहे छोटे-मँझोले शेयरों में अगले 3-4 महीनों में 25-30% बढ़त की उम्मीद की जा सकती है। (शेयर मंथन, 10 मार्च 2010) |
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Last Updated ( Wednesday, 10 March 2010 10:34 )
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