
वैश्विक बाजारों के सकारात्मक संकेतों से बाजार में आज तेजी रहने की उम्मीद है।
लेकिन मौजूदा तेजी में निफ्टी के 5000 के ऊपर जाने की संभावना कम ही है। निफ्टी अभी मोटे तौर पर 4700-5200 के दायरे में रह सकता है। मुझे नहीं लगता कि 2011 में निफ्टी किसी गिरावट की स्थिति में 4600 से नीचे जायेगा। लेकिन अगले साल मार्च से मई के दौरान बाजार में बड़ी गिरावट की आशंका रहेगी। उस गिरावट में निफ्टी 4000 का स्तर भी छू सकता है। लेकिन इसके बाद बाज़ार में 2016 तक तेजी ही रहेगी। अभी भारतीय बाजार पर अमेरिका में सुस्ती, यूरोप के कर्ज संकट और ऊँची ब्याज दरों की चिंता हावी है। वहीं डॉलर की मजबूती भी बाजार पर काफी असर डाल रही है। डॉलर की मजबूती से शेयर और कमोडिटी दोनों बाजारों में गिरावट का रुझान है। मुझे लगता है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज दरों में अभी एक चौथाई फीसदी की और बढ़ोतरी कर सकता है। लेकिन ब्याज दरें मोटे तौर पर अपने चरम पर आ गयी दिख रही हैं। वैसी स्थिति में ब्याज दरों में ज्यादा बढ़ोतरी की आशंका नहीं हैं। वहीं दूसरी ओर कमोडिटी की कीमतों में गिरावट से महँगाई में कमी आने की भी उम्मीद है। बाजार में अभी लंबे समय के निवेश का सही समय नहीं है। कारोबारी नजरिये से निचले स्तरों पर खरीदारी की जा सकती है, लेकिन इनमें जल्दी ही मुनाफावसूली की कोशिश करनी चाहिए। संजीव अग्रवाल, निदेशक, डायनामिक्स रिसर्च (Sanjeev Agarwal, Director, Dynamix Research) (शेयर मंथन, 27 सितंबर 2011) |
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Last Updated ( Tuesday, 27 September 2011 09:42 )
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