
संजीव अग्रवाल, निदेशक, डायनामिक्स रिसर्चमुझे बाजार यहाँ से कमजोर लग रहा है और इस तेजी के कायम रहने की उम्मीद कम है।
मेरे हिसाब से निफ्टी अभी दायरे की ऊपरी सीमा पर है। ऐसे में अभी अलग-अलग चरणों में बिकवाली शुरू की जा सकती है। मेरी सलाह रहेगी कि 5600 पर घाटा काटने का स्तर (स्टॉप लॉस) रख कर एक तिहाई सौदों की बिकवाली अभी शुरू कर सकते हैं। निफ्टी अगर 5450 के नीचे जाता है तो फिर से एक तिहाई सौदों की बिकवाली की सलाह रहेगी। अगर निफ्टी 5350 का दायरा तोड़ दे तो बड़ी गिरावट आयेगी। तब पूरी बिकवाली की जा सकती है। निफ्टी को ऊपर ले जाने में बैंकिंग शेयरों का बड़ा योगदान है। इनमें अभी तेजी की और गुंजाइश है। मेरे हिसाब से गिरावट आने पर सबसे पहले धातु और रियल एस्टेट शेयर गिरेंगे। बैंकिंग शेयरों में गिरावट थोड़ी देर से शुरू होगी। मुझे लगता है कि कच्चे तेल में और गिरावट आ सकती है। ऐसे में रिलायंस इंडस्ट्रीज और ओएनजीसी जैसे तेल-गैस शेयरों में कमजोरी रह सकती है। मुझे नहीं लगता कि निफ्टी 5600 के ऊपर जायेगा। लेकिन अगर चला भी जाता है तो हम नीचे आने पर 5550 के स्तर पर खरीदारी की सलाह देंगे। वैसे पूरे बाजार को लेकर हमारी धारणा मंदी की ही है। (शेयर मंथन, 20 अगस्त 2010) |
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Last Updated ( Friday, 20 August 2010 09:51 )
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