|
छोटी अवधि में निफ्टी 5350-5550 के बीच |
|
|
राजेश अग्रवाल, रिसर्च प्रमुख, ईस्टर्न फाइनेंशियर्स
मुझे भारतीय शेयर बाजार मजबूत नजर आ रहा है, हालाँकि थोड़ी मुनाफावसूली हो सकती है।
लेकिन निफ्टी जब तक कारोबार की बड़ी मात्रा के साथ 5350 के नीचे ना जाये, तब तक किसी भी गिरावट का इस्तेमाल शेयरों को जमा करने के अवसर के रूप में ही करना चाहिए। मुझे लगता है कि छोटी अवधि में निफ्टी 5350-5550 के दायरे में रह सकता है। जुलाई में मॉनसून की स्थिति सुधरी है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी बात है। भारतीय अर्थव्यवस्था अच्छी घरेलू माँग से आगे बढ़ रही है। रिजर्व बैंक ने जीडीपी विकास दर का अनुमान 8% से बढ़ाकर 8.5% कर दिया है। मुझे लगता है कि ये कदम अपने-आप में भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है। पिछले 2-3 महीनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का भारतीय बाजारों में निवेश बढ़ा है। इस महीने के पहले 3 सत्रों में ही एफआईआई ने 2024.24 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। ऐसा इसलिए नहीं है कि एफआईआई को भारत से बहुत प्यार है, वे यहाँ इसलिए निवेश कर रहे हैं क्योंकि उन्हें यहाँ के विकास पर भरोसा है। मुझे लगता है कि भारतीय बाजार में बस महँगाई और ब्याज दर को लेकर थोड़ी चिंता है। इससे थोड़ी बिकवाली आ सकती है। मुझे लगता है कि विदेशी बाजारों से कोई बड़ी नकारात्मक खबर आने से ही भारतीय बाजार नीचे जा सकता है। मँझोले सरकारी बैंकों, कृषि कमोडिटी और बिजली क्षेत्र की कंपनियों में अभी निवेश की काफी गुंजाइश है। हालाँकि निवेशकों को खास कर मँझोले शेयरों से सावधान रहना चाहिए। आजकल इनमें रोज नयी कहानी बनती है और शेयर ऊपरी सर्किट छू जाता है। (शेयर मंथन, 05 अगस्त 2010) |
|
Last Updated ( Thursday, 05 August 2010 09:29 )
|