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इस साल रिलायंस, एलएंडटी, एसबीआई से उम्मीदें |
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सुदीप बंद्योपाध्याय, ग्रुप प्रेसिडेंट (फाइनेंस), स्पाइस समूह
मेरा अनुमान है कि सेंसेक्स 2010-11 में 1200 रुपये की प्रति शेयर आय (ईपीएस) हासिल कर सकता है।
यह 2010-11 के आधार पर 15-18 के पीई अनुपात पर चल सकता है। भारत अगले 5 सालों में जबरदस्त विकास करने वाला है। भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर यूरोपीय या अमेरिकी अर्थव्यवस्थाओं से काफी तेज रहेगी। इसके चलते ज्यादा से ज्यादा विदेशी निवेश भारत आता रहेगा। साथ ही घरेलू बचत का भी ज्यादा बड़ा हिस्सा सीधे या दूसरे रास्तों (जैसे बीमा या म्यूचुअल फंड) से शेयर बाजार में आता रहेगा। साल 2009 में जिस तरह अंतरराष्ट्रीय और भारतीय बाजारों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव रहा, उससे आम निवेशकों ने लंबी अवधि के निवेश के महत्व को अच्छी तरह समझा है। सेंसेक्स के 7000-8000 तक फिसलने और उसके बाद 16000-17000 तक लौटने के उतार-चढ़ाव ने धैर्य के साथ उचित मूल्यांकन पर निवेश का महत्व बताया है। लोग यह चर्चा करने लगे हैं कि शेयर को खरीदने का भाव कितना महत्वपूर्ण है। हाल के जो आईपीओ आये, उन पर बाजार की प्रतिक्रिया में यही बात दिखी। निवेशकों ने महँगे या अपने पूरे-पूरे मूल्यांकन पर लाये गये आईपीओ को नजरअंदाज कर दिया। कंपनियों का विश्लेषण करते समय निवेशक अब लागत के बारे में सोचने लगे हैं। यह सोच पहले कम दिखती थी। मुझे इस साल दिग्गज शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से अच्छी उम्मीदें हैं। मँझोले शेयरों में रणनीति यह होनी चाहिए कि पहले आप अच्छे क्षेत्र का चुनाव करें। फिर उस क्षेत्र में सही तरीके से कंपनी का चुनाव करें। छोटे-मँझोले शेयरों में न केवल सही क्षेत्र चुनना, बल्कि कंपनी का चुनाव भी बेहद सावधानी से करना जरूरी है। (शेयर मंथन, 08 जनवरी 2010) |
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Last Updated ( Friday, 08 January 2010 11:26 )
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