गौरांग शाह, एवीपी, जियोजित बीएनपी पारिबा
मुझे लगता है कि अभी बाजार में यहाँ से और ज्यादा बढ़त की संभावना कम ही है।
निफ्टी ज्यादा-से-ज्यादा 5300-5400 तक जा सकता है। यह बात ठीक है कि तिमाही नतीजे अच्छे हैं। लेकिन मूल्यांकन अब काफी खिंच गये हैं। इसलिए मेरी सलाह रहेगी कि बाजार में सावधानी रखी जाये। मुझे यह भी दिख रहा है कि कुछ जोखिम भरे शेयर भी अब फिर से चलने लगे हैं। इसमें हिमाचल फ्यूचरिस्टिक (एचएफसीएल), सिल्वरलाइन, पेंटाफोर जैसे शेयरों को गिना जा सकता है। इन शेयरों के चलने का मतलब है कि जोखिम उठाने की लोगों की इच्छा अब काफी बढ़ गयी है। यह एक खतरनाक संकेत है। इस समय रिलायंस, ओएनजीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारती एयरटेल जैसे दिग्गज शेयरों में ज्यादा उत्साह नहीं है। जब तक इस तरह के दिग्गज शेयरों में चाल नहीं बनेगी, तब तक निफ्टी के लिए 5400 के स्तर को पार करना मुश्किल है। अब बाजार को बजट का इंतजार है और उससे जुड़ी खबरों पर बाजार प्रतिक्रिया करता रहेगा। लेकिन बजट-पूर्व तेजी निफ्टी को 5400 के ऊपर नहीं ले जा सकती। मेरा मानना है कि बजट-पूर्व इस समय ही आ चुकी है और अब खत्म होने की ओर है। लेकिन दूसरी ओर मुझे यह भी लगता है कि बाजार में कोई बड़ी गिरावट नहीं आयेगी। सबसे बुरी स्थिति में भी शायद निफ्टी 5000-5050 के नीचे नहीं जाये। मुझे अभी सरकारी कंपनियों (पीएसयू) के शेयर अच्छे लग रहे हैं। अगर बाजार में नरमी आती है तो ईआईएल, ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान कॉपर, एनएमडीसी, नेवेली लिग्नाइट, एनटीपीसी और आरईसी के शेयर खरीदे जा सकते हैं। अगर एनएचपीसी का शेयर गिर कर 32 रुपये के आसपास आये तो खरीदारी के लिए अच्छा रहेगा। (स्पष्टीकरणः इन शेयरों में विश्लेषक या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।) (शेयर मंथन, 16 जनवरी 2010) |