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रिलायंस को और तेल भंडार मिलने की संभावना मजबूत |
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नरेंद्र तनेजा, ब्यूरो चीफ, अपस्ट्रीम
रिलायंस को कैमबे में तेल मिलना कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण बात है।
हालाँकि इसे बहुत बड़ी खोज भले ही नहीं कहा जा सकता, लेकिन इसका आकार ठीक-ठाक कहा जा सकता है। यह खोज कई मायनों में महत्व रखती है। पहली बात यह है कि रिलायंस को पहली बार पश्चिमी तट पर तेल मिला है। दूसरे, रिलायंस को पहली बार जमीन पर तेल मिला है। कंपनी को कैमबे में मिला भंडार ज्यादा बड़ा नहीं होने पर भी इससे यह संभावना मजबूत होती है कि कंपनी को उसी क्षेत्र में ऐसे और भी कई भंडार मिल सकते हैं। इससे कंपनी के तेल-गैस भंडारों का पोर्टफोलिओ फैल रहा है। दरअसल कैमबे क्षेत्र की प्रकृति अब ऐसी ही रही है कि वहाँ कोई बड़ा भंडार आम तौर पर नहीं मिलता, लेकिन भारत में यह तेल-गैस का पुराना महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहाँ ओएनजीसी कई दशकों से सक्रिय है। जब आजादी के बार पहली बार यहाँ तेल कुआँ खुदा था, तो उस समय के प्रधानमंत्री पंडित जवाहलाल नेहरू ने खुद वहाँ की यात्रा की थी। (शेयर मंथन, 10 नवंबर 2009) |
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Last Updated ( Monday, 02 August 2010 14:07 )
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