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क्या खत्म हो गया तेजी का दौर? |
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विजय एल भंबवानी, सीईओ, बीएसपीएल इंडियाबाजार इस समय तेजड़ियों के धैर्य की परीक्षा ले रहा है। पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार, कमोडिटी और मुद्रा (करंसी), तीनों ही बाजारों में जबरदस्त गिरावट आयी है।
ऐसे में उन तकनीकी संकेतकों को फिर से परखना जरूरी हो जाता है, जिनके आधार पर आपने हाल के सौदे किये हों। अगर निफ्टी का साप्ताहिक चार्ट देखें तो 17 सितंबर को समाप्त हुए हफ्ते में इसने एक तेज पट्टी (बुलिश चैनल) के ऊपर जा कर नयी चाल पकड़ी थी। निफ्टी जैसे ही 5650 के ऊपर लगातार टिक कर बंद होने में सफल हो पाया, वैसे ही यह नयी चाल आयी थी। इससे पहले यही स्तर निफ्टी के लिए बाधा का काम कर रहा था। इसलिए अब इसी स्तर को निफ्टी के लिए फिलहाल सबसे मजबूत सहारा माना जा सकता है। लिहाजा, जब तक निफ्टी इस स्तर के नीचे जा कर लगातार इसके नीचे बने रहने का रुझान न दिखाये, तब तक बाजार में तेजी के दौर को खत्म नहीं कहा जा सकता। मैंने इस स्तर की बात सबसे मजबूत सहारे के रूप में की है, और बाजार के दोबारा ऊपर चढ़ने से पहले यह स्तर आ जाना जरूरी नहीं है। तार्किक रूप से छोटी अवधि में 5900 ही मुख्य सहारा है, क्योंकि निफ्टी के दैनिक चार्ट पर छोटी अवधि की तेज रुझान रेखा (बुलिश ट्रेंड लाइन) अभी इसी के आसपास है। अगर गोल्डेन रेश्यो रिट्रेसमेंट के आधार पर देखें, तो निफ्टी स्पॉट को नीचे फिसलने पर 5845 और 5728 पर सहारा मिलने की उम्मीद रहेगी। अगर हम संकेतक यानी 14 दिनों के आरएसआई को भी देखें, तो यह साफ है कि हाल की गिरावट इसे 50 के नीचे नहीं ले जा सकी है। इसके नीचे जाने को खतरे के संकेत के रूप में देखा जा सकता था। इससे यही संकेत मिलता है कि यह बाजार की पूरी दिशा पलट जाने के बदले केवल एक सामान्य नरमी (करेक्शन) है। हालाँकि मार्जिन कॉल की वजह से कुछ समय के लिए कमजोरी दिख सकती है, लेकिन मेरा विचार है कि बाजार की बड़ी तस्वीर अभी तेजी की ही है। औद्योगिक धातुओं (इंडस्ट्रियल मेटल) को निचले स्तरों पर सहारा मिल रहा है। चीन और आयरलैंड से जुड़ी छोटी अवधि की चिंताओं को बाजार पचा ले रहा है। खाने-पीने की चीजों की महँगाई और कच्चा तेल महँगा होने की आशंका से जुड़ी चिंताएँ अपनी जगह हैं, लेकिन अभी तेजड़ियों को परास्त नहीं कहा जा सकता। (शेयर मंथन, 18 नवंबर 2010) |
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Last Updated ( Thursday, 18 November 2010 16:49 )
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