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बाजार अब और फिसलने की की आशंका कम |
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नीरज दीवान, निदेशक, क्वांटम सिक्योरिटीज : कच्चे तेल और कुछ अन्य कमोडिटी के भाव में तीखी गिरावट आयी है, जो भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।
अगर कच्चे तेल में गिरावट का सिलसिला जारी रहा तो महँगाई पर काबू पाने में मदद मिलेगी। इससे रिजर्व बैंक पर भी ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम होगा। अगर कच्चे तेल में आगे चल और तेजी नहीं आये तो यह समझना होगा कि बाजार में मौजूदा गिरावट की तलहटी बन गयी है। वैसी हालत में निफ्टी ज्यादा-से-ज्यादा 5350 तक फिसलेगा। मेरे हिसाब से निफ्टी जून के अंत तक 5400-5800 के दायरे में जमने की कोशिश करेगा। बाजार की अगली चाल अब मॉनसून और पहली तिमाही में कंपनियों के नतीजों पर निर्भर करेगी। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रहती है तो पहली तिमाही में कंपनियों के नतीजे भी अच्छे रहने की संभावना है। अभी बैंकिंग क्षेत्र में निवेश के अच्छे मौके हैं। वहीं कैपिटल गुड्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में भी मूल्यांकन काफी सस्ते हैं। दूसरी ओर तेल-गैस क्षेत्र में भी निवेश किया जा सकता है। लेकिन आईटी और टेलीकॉम क्षेत्र मुझे थोड़ा कमजोर ही लग रहे हैं। (Neeraj Dewan, Director, Quantum Securities) (शेयर मंथन, 06 मई 2011) |
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Last Updated ( Friday, 06 May 2011 09:50 )
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