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भारतीय बाजारों के कमजोर रहने की संभावना |
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नीरज दीवान, निदेशक, क्वांटम सिक्योरिटीज
अमेरिकी शेयर बाजारों में कल के कारोबार में डॉव जोंस में गिरावट दर्ज की गयी। भारतीय बाजारों में लगातार कई दिनों तक बढ़त आ चुकी है, ऐसे में निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली की जा सकती है।
ऐसी स्थिति में सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों के कमजोर रहने की संभावना है। हालाँकि सोमवार को बाजारों की चाल के लिए यह देखना भी जरूरी है कि एशियाई बाजारों से कैसे संकेत मिलते हैं। इस समय दिग्गज शेयर ओवरबॉट हो चुके हैं और ये सस्ते नहीं लग रहे हैं। इन शेयरों में अधिक गतिविधि की संभावना नहीं है। हालाँकि मिडकैप और स्मॉलकैप क्षेत्र के चुनिंदा शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। आने वाले समय में हमारे शेयर बाजारों की चाल खबरों के प्रवाह पर निर्भर करेगी। सितंबर में हमारे बाजारों के अधिक ऊपर जाने की उम्मीद नहीं लग रही। निफ्टी के लिए नीचे की ओर 4,300 पर समर्थन है और इसके इस स्तर से नीचे जाने की संभावना नहीं है। हमारे शेयर बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की ओर से तभी पूँजी लगायी जायेगी, जब नयी उम्मीदें दिखेंगी। (शेयर मंथन, 29 अगस्त 2009) |
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Last Updated ( Thursday, 24 September 2009 14:19 )
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