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खरीदारी के लिए इंतजार बेहतर |
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नीरज दीवान, निदेशक, क्वांटम सिक्योरिटीज
इस समय बाजार में वैश्विक रूप से नकदी का स्तर बढ़ने का असर दिख रहा है।
पहले अंतरराष्ट्रीय निवेशक डर रहे थे कि सरकारी प्रोत्साहन (स्टिमुलस पैकेज) खत्म किये जा सकते हैं, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि ये अभी एक-दो तिमाहियों तक जारी रहेंगे। लेकिन भारतीय बाजार के ऊपर चढ़ने की संभावना सीमित ही लग रही है। इन तिमाही नतीजों में शेयरों की रीरेटिंग जैसी स्थिति नहीं बन पायी। इसलिए निफ्टी 5100 के स्तर तक जाते ही बाजार फिर से महँगा लगने लगेगा। मुझे लगता है कि अगले नतीजों तक बाजार कुछ जमने (कंसोलिडेशन) की कोशिश करेगा। अगर अगले नतीजों के बाद रीरेटिंग हो सकी तो नयी तेजी आयेगी और तब निफ्टी 5200 के ऊपर जा सकेगा। इसके लिए मांग और कंपनियों की आमदनी का बढ़ना जरूरी है। अभी निफ्टी 4600-5000 के, या ज्यादा-से-ज्यादा 5170 तक के दायरे में रहेगा। फिलहाल 4900 से ऊपर के स्तरों पर खरीदारी से बचें, लेकिन 4600 के आसपास कारोबारी नजरिये से खरीदारी की जा सकती है। (शेयर मंथन, 11 नवंबर 2009) |
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Last Updated ( Wednesday, 11 November 2009 09:48 )
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