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निफ्टी 5200 के नीचे जाने का अंदेशा नहीं |
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नीरज दीवान, निदेशक, क्वांटम सिक्योरिटीज
मुझे भारतीय शेयर बाजार में ज्यादा कमजोरी की आशंका नहीं दिख रही है।
अंतरराष्ट्रीय संकेत भी ठीक-ठाक हैं। फेडरल रिजर्व के कल के बयानों से अमेरिका में दोहरी मंदी (डबल डिप) की चिंता कम हुई है। यूरोप से भी नकारात्मक खबरें आने की आशंकाएं कम हो गयी हैं। बाजार में चल रही गिरावट के लंबी खिंचने की आशंका मुझे नहीं लग रही है। मुझे नहीं लगता कि निफ्टी 5200 के नीचे जाएगा। मेरे हिसाब से बाजार धीरे-धीरे जमते (कंसोलिडेट) हुए नई ऊँचाई छुएगा। अगले साल अप्रैल तक निफ्टी 6100 के ऊपर निकल सकता है। अगस्त सीरीज में निफ्टी 5400-5500 के बीच रहने की उम्मीद है। अभी निफ्टी में नयी चाल (ब्रेकआउट) की स्थिति नहीं बनी है। नयी चाल बनने के बाद निफ्टी 5600 तक भी जा सकता है। आईटी शेयरों में गिरावट अस्थायी है। मुझे लगता है कि निवेशकों को इन शेयरों में घबराकर बिकवाली करने के बजाय इनमें बने रहना चाहिए। बैंकिंग, कैपिटल गुड्स और धातु शेयरों में भी फायदे की काफी गुंजाइश है। रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी सुस्त है और इसकी वजह है ग्रॉस रिफानिंग मार्जिन यानी जीआरएम में कमी। एक समय यह 10 डॉलर प्रति बैरल हुआ करता था जो अब 7 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। जीआरएम में सुधार के साथ ही रिलायंस का शेयर चलने लगेगा। मुझे लगता है कि गिरावट के दौर में इसमें खरीदारी करनी चाहिए। मध्यम और लंबी अवधि के लिए रिलायंस बढ़िया शेयर है। (शेयर मंथन, 11 अगस्त 2010) |
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Last Updated ( Wednesday, 11 August 2010 09:50 )
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