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निफ्टी का इन स्तरों पर टिकना मुश्किल |
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पशुपति सुब्रह्मण्यम, रिसर्च प्रमुख, वेंचुरा सिक्योरिटीज
मुझे नहीं लगता कि निफ्टी 5000 के मौजूदा स्तर से ज्यादा ऊपर जा सकेगा। दिक्कत यह है कि निफ्टी को 4950-5000 के स्तरों से ऊपर ले जा सकने वाले ऐसे शेयर नहीं दिख रहे जो तेजी लाने के लिए बाजार का नेतृत्व कर सकें।
इस समय रिलायंस में जब तक गैस विवाद नहीं सुलझता, तब तक वह किसी तेजी का नेतृत्व नहीं कर पायेगा। बाकी ऐसा कोई शेयर दिख नहीं रहा, जिसमें अभी बाजार को ऊपर खींचने की क्षमता हो। तेजी जारी रहने के लिए खरीदारी आनी जरूरी है। लेकिन इन स्तरों पर सभी लोग खरीदारी से हिचकेंगे, यहाँ तक कि लॉन्ग ओनली फंड भी हिचकेंगे। बाजार में नरमी आने पर निफ्टी यहाँ से 200-250 अंक नीचे 4750 के आसपास तक जा सकता है। अगर विदेशी बाजारों में कोई गंभीर कमजोरी न आये, तो यहाँ नरमी इन्हीं स्तरों तक सीमित रहेगी। इसके बाद जब वापस तेजी शुरू होगी, तो उसमें बैंकिंग क्षेत्र बाकी बाजार से तेज चाल पकड़ सकते हैं। मुझे लगता है कि नवंबर तक तो बाजार एक दायरे में जमने की ही कोशिश करेगा। बाजार में अभी स्थिरता आनी काफी जरूरी है। लेकिन जिस तरह ऊपर जाने का कोई कारण नहीं दिख रहा, उसी तरह ज्यादा गिरावट का भी कोई कारण नहीं है। (शेयर मंथन, 12 नवंबर 2009) |
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Last Updated ( Thursday, 12 November 2009 11:14 )
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