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चुनावी नतीजों से पहले दिख सकती है घबराहट |
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आशु मदान, राष्ट्रीय प्रमुख (रिटेल), रेलिगेयर सिक्योरिटीज
आज बाजार कुछ दबाव में रहने की संभावना है और मुनाफावसूली जारी रह सकती है।
बाजार में पिछले 2-3 महीनों से चुनावों की बातें कर रहे थे और अब इसके नतीजे बस आने ही वाले हैं। इसलिए चुनावी संभावनाओं का असर अब तो दिखेगा ही। लेकिन हमारा मानना है कि बाजार में घबराहट की जो भी स्थिति बनेगी वह चुनावी नतीजों से पहले या नतीजों के ठीक बाद होगी। लेकिन यह केवल एक झटके की तरह होगा। उसके बाद बाजार स्थिर हो जायेगा। इस उतार-चढ़ाव में निफ्टी 3400 तक आ सकता है। अगर राजनीतिक स्थिति एकदम ही खराब हो जाये, तब निफ्टी इससे नीचे फिसल सकता है। लेकिन यह तब होगा जब लगे कि सरकार बन ही नहीं पा रही है या फिर वाम दल सरकार का हिस्सा बन जायें या सरकार पूरी तरह उन पर निर्भर हो। अगर स्थिर सरकार बन जाती है तो सब ठीक हो जायेगा। हमारे विचार से बाजार का सबसे बुरा दौर बीत चुका है। अर्थव्यवस्था के वापस सँभलने में अभी कुछ समय लग सकता है, लेकिन बाजार अर्थव्यवस्था से आगे-आगे चलता है। निवेशकों ने फिलहाल जो खरीदारी कर रखी हो, उस पर उन्हें मुनाफावसूली कर लेनी चाहिए और निचले स्तरों पर फिर से खरीदना चाहिए। |