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जमने की कोशिश कर रहे हैं भारतीय बाजार |
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आशु मदान, राष्ट्रीय प्रमुख (रिटेल), रेलिगेयर सिक्योरिटीज
इस समय भारतीय शेयर बाजार जमने (कंसोलिडेशन) की कोशिश करते दिख रहे हैं।
हालाँकि निफ्टी कल के कारोबार में 4,700 के नीचे रहा, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि इस स्तर पर कड़ी बाधा है। हमारे शेयर बाजारों का रुख सकारात्मक है और आने वाले दिनों में निफ्टी इन स्तरों से भी आगे निकल जाना चाहिए। इस समय व्यवस्था में नकदी की समस्या नहीं है। वैश्विक शेयर बाजारों में भी वापसी के संकेत हैं। साथ ही भारतीय शेयर बाजारों के प्रति विदेशी निवेशकों का ध्यान फिर से बढ़ा है। अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे अच्छे रहे हैं और इन बेहतर नतीजों से मंदी की चिंता निश्चित तौर पर घटी है। यह अवश्य है कि कंपनियों ने अपने खर्च को नियंत्रित कर अपने मुनाफे के स्तर को ठीक किया है, लेकिन इसे खराब कदम नहीं माना जाना चाहिए। आने वाले दिनों में तकरीबन सभी क्षेत्रों का प्रदर्शन अच्छा ही रहने की उम्मीद है। (शेयर मंथन, 05 अगस्त 2009) |
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Last Updated ( Wednesday, 05 August 2009 10:27 )
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