|
अभी बाजार ठीक, पर 4-10 हफ्तों के लिए चिंता |
|
|
गजेंद्र नागपाल, सीईओ, यूनिकॉन फाइनेंशियल सर्विसेज
इस समय बेहद छोटी अवधि के लिए तो बाजार ठीक लग रहा है और इसकी हलचल में कुछ दमखम दिखता है।
लेकिन अभी निवेशकों को एकदम से किसी बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इसका कारण यह है कि खास कर अगर सेंसेक्स को देखें तो यह अपने उचित मूल्यांकन पर या उससे कुछ ऊपर ही है। इसके अलावा महँगाई की चिंता अब हकीकत बन कर सामने आ रही है। अगर कहीं पेट्रोल की कीमतें बढ़ीं तो उससे महँगाई और बढ़ेगी। तब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को अपनी मौद्रिक नीतियाँ कसनी पड़ेंगी। लेकिन बाजार को मौद्गिक नीतियों को कसे जाने की बात अभी पसंद नहीं आयेगी। इसीलिए मेरा मानना है कि बिल्कुल छोटी अवधि में भले ही बाजार ठीक हो, लेकिन 4-10 हफ्तों की एक अवधि में बाजार को लेकर थोड़ी चिंता रहेगी। लेकिन अगर इस दौरान बाजार में कुछ कमजोरी आती है तो वह अच्छे शेयरों को उचित भावों पर चुनने का अच्छा मौका भी रहेगा। मेरी सलाह रहेगी कि उस समय खरीदारी के लिए घरेलू खपत पर निर्भर कंपनियों के शेयरों पर ध्यान दिया जाये। लेकिन इसमें ऑटो और एफएमसीजी से अभी बचना चाहिए। ऑटो क्षेत्र को पहले सस्ते कच्चे माल का फायदा मिल रहा था, लेकिन अब वह फायदा इस क्षेत्र को नहीं मिलेगा। (शेयर मंथन, 15 जनवरी 2010) |
|
Last Updated ( Friday, 15 January 2010 10:28 )
|