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एफआईआई (FII) का भारतीय बाजार पर भरोसा बढ़ा |
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गजेंद्र नागपाल, सीईओ, यूनिकॉन फाइनेंशियल
भारतीय बाजार मुझे मजबूत लग रहा है और निफ्टी (Nifty) का नया शिखर बनने की उम्मीदें बढ़ गयी हैं।
हालाँकि ऐसा कब तक हो पायेगा, यह कहना अभी थोड़ा मुश्किल है। लेकिन बाजार की तेजी अभी जारी रहने की उम्मीद है। कोल इंडिया (Coal India) के आईपीओ (IPO) से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का भारतीय बाजार पर भरोसा बढ़ा है। केवल कोल इंडिया के आईपीओ में निवेश के लिए 70 नये एफआईआई ने भारत में पंजीकरण कराया है। जितने एफआईआई और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने कोल इंडिया आईपीओ में आवेदन किया है, उन सबको शेयरों का आवंटन नहीं हो पायेगा। ऐसे में काफी पैसा दोबारा बाजार में आयेगा, जिससे तेजी का नया दौर शुरू हो सकता है। वैसे भी बाजार आजकल 4 दिनों की गिरावट की भरपाई एक दिन में कर रहा है, जो सकारात्मक संकेत है। मुझे लगता है कि अभी सूचकांक (Index) के बदले चुनिंदा शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries), एसबीआई (SBI), टीसीएस (TCS) जैसी दिग्गज कंपनियों में खरीदारी लौट रही है। ऐसे दिग्गज शेयर ही बाजार को ऊपर ले जायेंगे। इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन, बैंकिंग और आईटी (IT) क्षेत्र बेहतर लग रहे हैं। वहीं धातु और रियल एस्टेट क्षेत्र में थोड़ा इंतजार करना चाहिए। रुपये की मजबूती से बड़ी आईटी कंपनियों के मुनाफे पर कोई खास पड़ने की आशंका नहीं है। दरअसल बड़ी आईटी कंपनियाँ अब अपने ग्राहकों से बेहतर मोल-तोल कर पा रही हैं। (शेयर मंथन, 22 अक्टूबर 2010) |
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Last Updated ( Friday, 22 October 2010 09:47 )
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