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बाजार में गिरावट का खतरा ज्यादा |
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अरुण केजरीवाल, निदेशक, क्रिस : बाजार की दिशा आज साफ नहीं है और बाजार में कारोबार की मात्रा (Volume) काफी कम है।
ऐसे में बाजार को ऊपर या नीचे ले जाना काफी आसान हो गया है। कल भी बाजार में ऐसा ही हुआ। कल बाजार में जो तेजी रही, उसकी कोई वजह नहीं है। ऐसे में बाजार फिलहाल मुझे अतार्किक लगता है। छोटी अवधि में बाजार की दिशा नीचे लग रही है। निफ्टी अगर 26 नवंबर का निचला स्तर 5690 तोड़ दे तो बड़ी गिरावट का खतरा होगा। हालाँकि फिलहाल मेरे लिए कह पाना मुश्किल है कि वह गिरावट कितनी बड़ी होगी। लेकिन वह गिरावट एक-दो दिन में खत्म होने के बदले 2-4 महीनों में पूरी होगी। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली पूरे महीने जारी रहने की आशंका है। ऐतिहासिक तौर पर दिसंबर में एफआईआई बिकवाली करते हैं। उन्हें अगले साल में निवेश के लिए नयी राशि का आवंटन 15 जनवरी के बाद होता है। हाल की राजनीतिक हलचलों और घोटालों से बाजार के माहौल पर बुरा असर पड़ा है। साथ ही इससे एफआईआई निवेश पर भी असर पड़ा है। मुझे बाजार में तेजी की कोई बड़ी वजह (ट्रिगर) नहीं दिख रही है। बाजार के स्थिर हो जाने तक किसी भी नये निवेश से बचना चाहिए। हालाँकि बाजार में सौदों के मौके तो हमेशा होते हैं। बाजार के स्थिर हो जाने के बाद सबसे ज्यादा गिरावट वाले अच्छे शेयरों में निवेश करना चाहिए। मसलन एलआईसी हाउसिंग (LIC Housing) में निवेश किया जा सकता है। तीसरी तिमाही में बैंकिंग क्षेत्र के नतीजे कमजोर रहने की आशंका है। ऐसे में इस क्षेत्र से बचना चाहिए। इसी तरह रियल एस्टेट क्षेत्र की हालत भी खस्ता है। (Arun Kejriwal, Director, KRIS) (शेयर मंथन, 14 दिसंबर 2010) |
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Last Updated ( Tuesday, 14 December 2010 09:30 )
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