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बाजार पलटेगा, मुनाफा निकाल लें : अरुण केजरीवाल (Arun Kejriwal) |
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बाजार में एक फील गुड फैक्टर बना था और उसके चलते जितनी तेजी आनी थी वह आ गयी।
इस तरह की तेजी के लिए बाजार में कौन-सी बुनियादी बातें हाल में बदल गयी हैं, वह तो समझ में नहीं आया। लेकिन अभी लगता है कि बाजार ने अपना यह दौर पूरा कर लिया है। नतीजे भी जो अच्छे आने थे, वे आ गये हैं और आगे कुछ खराब नतीजे भी आयेंगे। ग्रीस में जो समझौता होना था, वह भी हो गया है। अब इसके बाद आईआईपी के आँकड़ों या किसी भी अन्य बात को लेकर बाजार फिसलने की संभावना रहेगी। आप चाहें तो इसे मुनाफावसूली कह लें या किसी बात पर निराशा की बात करके बाजार पलट जायेगा। चुनावों के नतीजे आने में अभी 4 हफ्ते बाकी हैं और इतने समय तक यह चाल इस तरह बनी नहीं रह पायेगी। जब बाजार पहले ही इतना ऊपर है तो इस चाल को बनाये रखने के लिए काफी बड़ा पैसा चाहिए। जब सेंसेक्स 16,000-16,500 पर था, उस समय बाजार में सब तरफ निराशा थी और थोड़े पैसों में ही बाजार को ऊपर खींचा जा सकता था। अब वैसा नहीं होगा। एफआईआई का पैसा अभी आ तो रहा है, लेकिन वह ज्यादातर ईटीएफ में में आ रहा है। मुझे नहीं लगता कि वे शेयरों में सीधे ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं, क्योंकि सीधे शेयर खरीदते तो उन शेयरों के नाम दिखते। लेकिन जब भी 2-3 दिन उनका नकारात्मक आँकड़ा आयेगा तो निफ्टी के 100-200 अंक निकल जायेंगे। कारोबारियों को जहाँ मुनाफा मिल रहा हो, वहाँ अभी मुनाफावसूली कर लेना ही बेहतर है। लेकिन अभी बिकवाली (शॉर्ट) सौदे करने की सलाह मैं नहीं दूँगा, क्योंकि यह चाल 2-3 भी और आगे चलने पर घाटा कटने (स्टॉप लॉस) की स्थिति आ जायेगी। बिकवाली सौदे करने के लिए छोटी अवधि के संकेतक पलटने का इंतजार करना ठीक रहेगा। अरुण केजरीवाल, निदेशक, क्रिस (Arun Kejriwal, Director, KRIS) (शेयर मंथन, 10 फरवरी 2012) |
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Last Updated ( Friday, 10 February 2012 10:17 )
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