|
बाजारों के सीमित दायरे में रहने की संभावना |
|
|
के के मित्तल, पीएमएस प्रमुख, ग्लोब कैपिटलआज भारतीय शेयर बाजारों के एक सीमित दायरे में रहने की संभावना है।
अमेरिका से चिंता के कुछ लक्षण सामने आये हैं। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष बेन बर्नांके ने कहा है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वापसी तो हो रही है, लेकिन इसकी दर धीमी है। वहाँ से आ रहे नतीजे भी मिले-जुले दिख रहे हैं। इसके मुकाबले हमारे यहाँ बेहतर नतीजे सामने आ रहे हैं। कल घोषित विप्रो का नतीजा भी अच्छा रहा। जैसे-जैसे अन्य क्षेत्रों के नतीजे आते जायेंगे, वैसे-वैसे यह स्पष्ट होता जायेगा कि कुल मिला कर इस तिमाही में कॉर्पोरेट जगत का प्रदर्शन कैसा रहा है। यह देखने वाली बात होगी कि सेंसेक्स कंपनियों का प्रदर्शन पिछली तिमाही के इनके प्रदर्शन की तुलना में कहाँ बैठता है। यदि इनके लिए यह तिमाही बेहतर साबित होगी, तो निश्चित रूप से इससे हमारे बाजारों को मजबूती मिल सकती है। (शेयर मंथन, 23 जुलाई 2009) |
|
Last Updated ( Thursday, 23 July 2009 09:42 )
|