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बाजारों में करेक्शन के आसार |
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आर के गुप्ता, एमडी, टॉरस म्यूचुअल फंड
इस समय भारतीय शेयर बाजार दबाव में दिख रहे हैं।
बाजारों के लिए अगला कारोबारी हफ्ता काफी छोटा है और इसमें केवल 3 कारोबारी दिन होंगे। इन कारोबारी दिनों से पहले 3 दिनों की छुट्टी है और इनके बाद भी 3 दिनों की छुट्टी है। इस तरह की स्थिति में लोग बाजारों में बड़ी खरीदारी करना पसंद नहीं करेंगे। इसके अलावा इस समय वैश्विक शेयर बाजारों पर भी दबाव दिख रहा है, जिसका असर भारत पर पड़ता दिख रहा है। हमारे बाजारों की मजबूती भी अधिक हो गयी थी, तो इस लिहाज से भी मुनाफावसूली आना लाजिमी ही है। इन सभी बातों के मद्देनजर बाजारों में सुधार (करेक्शन) की संभावना लग रही है और निफ्टी तकरीबन 200 अंक नीचे जा सकता है। यदि इस गिरावट के दौरान निफ्टी नीचे की ओर 4,700 तक चला गया, तो फिर बाजारों में अच्छी खरीदारी आने की संभावना है। यह खरीदारी अगले दो-ढाई महीनों में निफ्टी को 5,500 तक ले जा सकती है। इसी तरह सेंसेक्स में 15,500 के आसपास का स्तर दिखने के बाद इसके 18,000 तक जाने की संभावना है। (शेयर मंथन, 25 सितंबर 2009) |
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Last Updated ( Friday, 25 September 2009 14:13 )
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