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बाजार अभी न ज्यादा चढ़ेगा, न ज्यादा गिरेगा |
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आर के गुप्ता, एमडी, टॉरस म्यूचुअल फंड
भारतीय शेयर बाजार अभी इन्हीं स्तरों के आसपास एक सीमित दायरे में रहने की उम्मीद है।
कल एसएंडपी ने भारत की रेटिंग सुधारी है, जिससे बाजार में एक सकारात्मक धारणा रहनी चाहिए। फिलहाल बाजार में कोई नकारात्मक रुझान नहीं दिख रहा है। मार्च के अंत तक म्यूचुअल फंड अपना एनएवी संभालने की कोशिश में भी रहते हैं। हालाँकि यह बात भी है कि मार्च के अंत में कंपनियों और बड़े निवेशकों की ओर से अपने पोर्टफोलिओ की सफाई भी होती है। इसलिए कुल मिलाकर बाजार न तो ज्यादा तेज होगा, न ही कुछ ज्यादा नीचे गिरेगा। एसएंडपी की रेटिंग सुधरने का एक बड़ा फायदा यह होगा कि भारतीय कंपनियों को विदेशों से कर्ज कुछ सस्ता मिल सकेगा। इससे ब्याज पर उनके खर्च में कमी आयेगी और उनके मुनाफे पर अच्छा असर पड़ेगा। इसलिए बाजार पर इस बात का अच्छा असर ही रहेगा। आने वाले तिमाही नतीजे भी अच्छे रहने का अनुमान है। रिलायंस, एसीसी, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), एचडीएफसी वगैरह के अग्रिम कर (एडवांस टैक्स) के जिस तरह के आँकड़े दिखे हैं, उनसे तो इनके नतीजे काफी अच्छे रहने की उम्मीद की जा सकती है। रिलायंस के अग्रिम कर को देख कर लगता है कि इस बार इसका ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) पिछली बार से बेहतर रहना चाहिए। अगर यह 9 डॉलर से बढ़ कर करीब 10 डॉलर हो जाता है तो कंपनी के मुनाफे पर काफी अच्छा असर होगा। अभी सिंगापुर जीआरएम भी करीब 5.5 से 6 डॉलर के बीच है और रिलायंस का जीआरएम अक्सर इससे करीब दोगुना ही रहता है। अगर रिलायंस का शेयर मजबूत होता है तो इससे पूरे बाजार को स्थिरता मिलेगी। (शेयर मंथन, 19 मार्च 2010) |
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Last Updated ( Friday, 19 March 2010 09:46 )
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