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रुपये की मजबूती से शेयर बाजार को खतरा |
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आर के गुप्ता, एमडी, टॉरस म्यूचुअल फंड
भारतीय शेयर बाजार की आगे की चाल काफी हद तक रुपये की गतिविधि पर निर्भर है।
मुझे लगता है कि अगर रुपया और मजबूत होता है तो बाजार में गिरावट का दौर शुरू हो सकता है। बाजार की नजर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की 20 अप्रैल को होने वाली समीक्षा बैठक और मॉनसून के 22 अप्रैल को सामने आने वाले अनुमानों पर टिकी है। अगर रिजर्व बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है या मॉनसून का अनुमान सामान्य से कम रहता है तो विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बिकवाली शुरू कर सकते हैं। ऐसे में मुझे लगता है कि बाजार 5200 तक या इससे नीचे भी जा सकता है। फिलहाल कुछ दिनों तक बाजार एक दायरे में ही रहने की उम्मीद है। हालाँकि निफ्टी छोटी अवधि में ऊपर 5450 तक जा सकता है। मौजूदा तेजी नतीजों के मौसम तक जारी रह सकती है। इन्फोसिस के नतीजे अच्छे रहने से आईटी शेयरों में तेजी रह सकती है। बुनियादी ढाँचा, बिजली और फार्मा क्षेत्रों में भी मजबूती रह सकती है। (शेयर मंथन, 15 अप्रैल 2010) |
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Last Updated ( Thursday, 15 April 2010 09:43 )
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