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नितिन पुंजानी : मैंने 3 साल पहले मुंद्रा पोर्ट के 50 शेयर 800 रुपये के भाव पर खरीदे थे।
अब यह 1:5 के अनुपात में विभाजित हो गया है, जिससे मेरी लागत 160 रुपये है। इसे अभी रखना चाहिए, या बेच दूँ? उत्तर : जब यह पिछले साल सितंबर-अक्टूबर में 185 तक गया, उस समय आपने मुनाफा नहीं लिया, क्योंकि आप भाव और ऊपर जाने की उम्मीद कर रहे थे। पिछले 12 महीनों में यह शेयर बाजार से बेहतर चलता रहा है, क्योंकि कमोडिटी के भाव बढ़े हैं और निर्यात कारोबार बढ़ा है। इसमें प्रमोटरों की हिस्सेदारी के स्तर और मौजूदा मूल्यांकन को देखते हुए मेरी सलाह होगी कि इसमें निवेश बनाये रखें, लेकिन घाटा काटने का स्तर 140 पर तय करके रखें। जब यह 180 रुपये के आसपास जाये, तब मुनाफा लेकर निकल सकते हैं। किशोर अग्रवाल, मुंबई : मैंने रिलायंस कम्युनिकेशंस के 100 शेयर इसी महीने 90 रुपये के भाव पर लिये हैं। मुझे आगे क्या करना चाहिए? उत्तर : टेलीकॉम क्षेत्र के बारे में 2जी घोटाले के कारण काफी नकारात्मक धारणा बनी हुई है। साथ ही ऊँचे कर्जों और कामकाजी घाटे की वजह से रिलायंस कम्युनिकेशंस बाजार के मुकाबले कमजोर चलता रहा है। अभी इसमें हर दिन नये निचले स्तर बन रहे हैं। इसलिए लगभग 85 रुपये के आसपास इस शेयर से निकलने की कोशिश करें। जब संकट की स्थिति खत्म होने के संकेत मिलें, तब आप इस शेयर में फिर से निवेश कर सकते हैं। विकास गोयल, दिल्ली : मैंने करीब 924 के भाव पर रिलायंस का शेयर खरीदा है। छोटी अवधि में मुनाफा लेने के लिए लक्ष्य भाव कितना रखना ठीक होगा? उत्तर : रिलायंस का शेयर भाव गैस उत्पादन में कमी और साथ ही बाजार में आयी गिरावट की वजह से नीचे आया है। लेकिन गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए अलग से कीमत तय करने की छूट की खबरों और ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार के चलते आगे चल कर बाजार में इसकी स्थिति सुधर सकती है। बाजार में अनिश्चितता को देखते हुए छोटी अवधि के लिए रिलायंस का लक्ष्य भाव 960-970 रुपये रख कर चल सकते हैं। संजय पाटिल, पुणे : मैंने मारुति 1200 के भाव पर लिया है। इसमें क्या करना चाहिए? उत्तर : ऑटो क्षेत्र में गाड़ियों की बिक्री की संख्या लगातार मजबूत रही है, हालाँकि कच्चे माल की लागत बढ़ने के चलते मार्जिन पर दबाव रहा है। कमोडिटी भावों में कमी आने से आगे चल कर यह दबाव घट सकता है। लेकिन कच्चे तेल की ऊँची कीमतों के चलते पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका इस शेयर के लिए एक नकारात्मक पहलू है। छोटी अवधि में यह शेयर दबाव में रह सकता है और इसके लिए 1250 के ऊपर जा पाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए छोटी अवधि में मुनाफा ले कर निकलने के लिए 1250 का लक्ष्य रखा जा सकता है। घाटा काटने का स्तर छोटी अवधि के लिए 1190 पर और मध्यम अवधि के लिए 1120 पर रखें। अशोक अग्रवाल, प्रमुख, एस्कॉर्ट्स सिक्योरिटीज (Ashok Agarwal, Head, Escorts Securities) (स्पष्टीकरण: इन शेयरों में विश्लेषक, उनकी कंपनी या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।) पाठक जाने-माने विश्लेषकों से अपने प्रश्नों के जवाब पाने के लिए हमें
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पर ईमेल भेजें। (शेयर मंथन, 27 मई 2011) |