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बाजार में बड़ी गिरावट का खतरा बाकी: अशोक अग्रवाल (Ashok Agarwal) |
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भारतीय शेयर बाजार आज एक दायरे में ही रहने की संभावना है।
मुझे लगता है कि आज निफ्टी का दायरा 5000-5080 के बीच रह सकता है। लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी है कि बाजार में गिरावट की तलहटी बन गयी है। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू, दोनों मोर्चों पर अभी काफी नकारात्मक पहलू हैं। यूरोप और अमेरिका का कर्ज संकट काफी गंभीर है। खास कर यूरोपीय बैंकों की हालत काफी खस्ता है। यूरोपीय देशों के प्रस्तावित साझा यूरो बॉन्ड की सफलता को लेकर भी मुझे संदेह है। ऐसे में यूरोप और अमेरिका से किसी भी बुरी खबर से बाजार टूट सकता है। वहीं घरेलू मोर्चे पर महँगाई और ऊँची ब्याज दरों की दिक्कत कायम है। खास कर रियल एस्टेट (Real Estate) और बुनियादी ढाँचा (Infrastructure) क्षेत्रों की परियोजनाओं को ऊँची ब्याज दरों की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली थम नहीं रही है। अगर विदेशी और घरेलू दोनों मोर्चों से नकारात्मक खबरें आती रहीं तो भारतीय बाजार मौजूदा स्तर से 10% से ज्यादा टूट सकता है। इसका मतलब यह है कि निफ्टी 4400-4300 तक फिसल सकता है। वहीं किसी वापस उछाल की स्थिति में निफ्टी के 5300 से ऊपर जाने की उम्मीद अभी नहीं है। फिलहाल रियल एस्टेट, बुनियादी ढाँचा और आईटी (IT) शेयरों में निवेश से बचना चाहिए। वहीं तेल-गैस क्षेत्र में निवेश किया जा सकता है। अशोक अग्रवाल, सीओओ, एस्कॉर्ट्स सिक्योरिटीज (Ashok Agarwal, COO, Escorts Securities) (शेयर मंथन, 17 अगस्त 2011) |
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Last Updated ( Wednesday, 17 August 2011 09:48 )
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