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बाजार फिर से गिरने की संभावना ज्यादा |
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अशोक अग्रवाल, प्रमुख, एस्कॉर्ट्स सिक्योरिटीजअभी शेयर बाजार के बारे में केवल एक ही बात पक्के तौर पर कही जा सकती है कि उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा है, बाकी सारी बातें अनिश्चितता में फंसी हैं।
निफ्टी कहाँ तक गिरेगा, यह कहना बड़ा मुश्किल है। लेकिन तकनीकी रूप से अभी लगभग 4500 तक फिसलने का अंदेशा दिख रहा है। हालाँकि अभी 4800 पर इसने सहारा लिया है और यह वापस करीब 5000 तक चढ़ सकता है। लेकिन 4800 पर तलहटी (बॉटम) बन जाने की संभावना मुझे बस 30-40% ही लगती है। ज्यादा संभावना इस बात की है कि बाजार फिर से नीचे जायेगा। यूरोप अब भले ही विश्व अर्थव्यवस्था के लिए पहले जितना महत्वपूर्ण नहीं रह गया हो, लेकिन इसका भावनात्मक असर तो काफी है ही। मेरा अनुमान है कि अगले 2-3 महीनों तक बाजार धीरे-धीरे नीचे फिसलता रहेगा। अभी 3 सबसे बड़ी चिंताएँ हैं यूरोप का संकट, चीन की अर्थव्यवस्था में आ रहा धीमापन और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार की रफ्तार। एक बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिकी अर्थव्यवस्था में आ रहा सुधार इतना मजबूत होगा कि वह विश्व अर्थव्यवस्था को फिर से मंदी में जाने से बचा सके। भारतीय अर्थव्यवस्था काफी हद तक अपनी घरेलू मांग की वजह से सुरक्षित है। लेकिन 8% से ज्यादा विकास दर बनाये रखने के लिए विदेशी पूँजी का आते रहना जरूरी होगा, चाहे वह एफडीआई के रास्ते से आये, शेयर बाजार के रास्ते या भारतीय कंपनियों की ओर से विदेश में पूँजी जुटाने के रूप में। लेकिन खतरा यह है कि विश्व अर्थव्यवस्था डगमगाने पर अंतरराष्ट्रीय निवेशक जोखिम लेने से कतरायेंगे, जिससे भारत आने वाली विदेशी पूँजी काफी घट जायेगी। (शेयर मंथन, 26 मई 2010) |
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Last Updated ( Wednesday, 26 May 2010 12:28 )
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