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शेयर बाजार में गिरावट की आशंका ज्यादा |
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अशोक अग्रवाल, निदेशक, ग्लोब कैपिटल : भारतीय बाजार आज एक सीमित दायरे में रहने की संभावना है और ऐसा लग रहा है कि निफ्टी (Nifty) मौजूदा स्तर के आस पास जमने (कंसोलिडेशन) की कोशिश कर रहा है।
हालाँकि आज बाजार की दिशा साफ नहीं है। छोटी अवधि के लिए बाजार में मुझे गिरावट की आशंका ज्यादा नजर आती है। इसकी वजह यह है कि बाजार में नकदी की दिक्कत है। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) तो छुट्टी पर चले गये हैं और वे जनवरी के दूसरे हफ्ते में ही लौटेंगे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों में घबराहट है। वैसे भारतीय बाजार में बुनियादी तौर पर कोई दिक्कत नहीं है और घोटालों का अब कोई खास असर नहीं दिखना चाहिए। लेकिन भारतीय बाजार का मूल्यांकन आकर्षक नहीं रह गया है। मुझे लगता है कि कृषि से जुड़े कारोबार वाली कंपनियों में निवेश किया जा सकता है। ऐसी कंपनियों में फर्टिलाइजर, ट्रैक्टर और सिंचाई क्षेत्र की कंपनियाँ शामिल है। बैंकिंग क्षेत्र भी ठीक है, क्योंकि अर्थव्यवस्था में विकास के साथ इसमें तेजी आयेगी। रियल्टी क्षेत्र पहले ही काफी पिट चुका है, हालाँकि इस पर कोई राय बना पाना मेरे लिए मुश्किल है। (Ashok Agarwal, Director, Globe Capital) (शेयर मंथन, 21 दिसंबर 2010) |
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Last Updated ( Tuesday, 21 December 2010 09:50 )
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