|
स्पष्ट नहीं है भारतीय शेयर बाजारों की दिशा |
|
|
अशोक अग्रवाल, निदेशक, ग्लोब कैपिटलइस समय भारतीय शेयर बाजारों की दिशा स्पष्ट नहीं है और इनके वैश्विक संकेतों के अनुरूप चलने की संभावना है।
खास तौर पर हमारे बाजारों की चाल चीन के बाजारों की चाल पर निर्भर दिख रही है। इस समय भारतीय शेयर बाजारों के कारोबार में उतार-चढ़ाव के आसार लग रहे हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की ओर से इक्विटी बाजार से पूँजी निकालने का सिलसिला जारी है और चीन के शेयर बाजारों में आ रही गिरावट इसके पीछे एक खास वजह है। भारतीय शेयर बाजार तब तक इसी दायरे में बने रहेंगे, जब तक हालात स्पष्ट नहीं हो जाते। इस समय चीन के शेयर बाजारों के बारे में आशंकाएँ बढ़ती दिख रही हैं। निवेशक इस बात को ले कर भ्रमित हैं कि चीन के बाजारों की तेजी वास्तविक है या नहीं। ऐसा माना जा रहा है कि वहाँ के बाजार बुनियादी बातों की तुलना में अधिक बढ़ गये हैं और मूल्यांकन जरूरत से ज्यादा हो गये हैं। ऐसी बातों का असर हमारे शेयर बाजारों पर भी पड़ रहा है। (शेयर मंथन, 21 अगस्त 2009) |
|
Last Updated ( Friday, 21 August 2009 09:34 )
|