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इस साल निफ्टी 6000 छू लेगा, अगर... |
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अशोक अग्रवाल, निदेशक, ग्लोब कैपिटल
भारतीय बाजार इस समय अच्छा ही लग रहा है और नीचे जाने का इसका मन नहीं है।
अगर इस बार बजट में सरकारी प्रोत्साहनों (स्टिमुलस पैकेज) को वापस नहीं लिया जाये और ब्याज दरें अभी न बढ़ें, तो बाजार में यह पार्टी अभी चलती रह सकती है। उद्योग जगत ने सरकार के सामने यह मांग रख दी है कि सरकारी प्रोत्साहनों को सितंबर तक बनाये रखा जाये। अगर यह मांग मान ली गयी और ब्याज दरें भी अभी स्थिर रहीं तो इस साल निफ्टी 6000 तक जा सकता है। लेकिन अगर सरकारी प्रोत्साहनों को वापस लिया जाये या ब्याज दरें बढ़ें तो बाजार पर इसका नकारात्मक असर आयेगा। अगर भारत में ऐसा न भी हो, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजारों में और खास कर अमेरिका में ऐसा होने पर भारत में भी इसका असर दिखेगा। इसके अलावा कमोडिटी के भाव तेजी से बढ़ना भी चिंता की बात है। अब तक केवल खाने-पीने की चीजों की महँगाई दर ऊँची थी, लेकिन कमोडिटी भाव चढ़ने से तमाम कंपनियाँ अपने उत्पादों के दाम भी बढ़ायेंगीं। इससे समूची महँगाई दर (डब्लूपीआई) भी बढ़ने लगेगी और तब आरबीआई को ब्याज दरें बढ़ानी पड़ेंगीं। मगर फिलहाल तो बाजार की चाल तेज है। सब लोग बाजार में नरमी (करेक्शन) आने की संभावना देख रहे थे, लेकिन वह नरमी नहीं आयी। जब तक लोगों की सोच ऐसी रहेगी, तब तक बाजार मजबूत ही बना रहेगा। (शेयर मंथन, 07 जनवरी 2010) |
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Last Updated ( Thursday, 07 January 2010 08:19 )
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