|
ऊपरी स्तरों से फिसलने के संकेत दे रहे हैं विश्व बाजार |
|
|
राजेश जैन, वीपी, एसएमसी ग्लोबल
इस समय यह धारणा बन रही है कि विश्व बाजार अपने ऊपरी स्तरों से फिसलने का संकेत दे रहे हैं।
शंघाई कंपोजिट अपने हाल के ऊपरी स्तरों से करीब 25% नीचे आ चुका है। कल अमेरिकी बाजार का वोलैटिलिटी इंडेक्स 5% बढ़ा, जो आम तौर पर बाजारों में कमजोरी आने का संकेत देता है। आज दोपहर में भारतीय बाजारों के एकदम से नीचे फिसलने का तात्कालिक कारण यह है कि यूरोपीय बाजार सपाट या हल्की मजबूती के साथ खुलने के बाद कमजोर हो गये। साथ ही अमेरिकी बाजारों में डॉव और नैस्डैक के फ्यूचर भी पहले हरे निशान में दिख रहे थे, जो फिसल कर करीब 0.5% गिरावट दिखाने लगे। अमेरिकी बाजारों में पिछले हफ्ते ऊपरी स्तरों पर अनिश्चितता ही दिख रही थी। इसके बाद कल सोमवार को उनमें हल्की गिरावट आयी। ये सब इस बात के शुरुआती संकेत हो सकते हैं कि विश्व बाजार अपने ऊपरी स्तरों से नीचे आने की तैयारी में हैं। (शेयर मंथन, 01 सितंबर 2009) |
|
Last Updated ( Tuesday, 01 September 2009 14:34 )
|