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जमने की कोशिश कर रहे हैं भारतीय शेयर बाजार |
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राजेश जैन, वीपी, एसएमसी ग्लोबल
आज भारतीय शेयर बाजारों के एक छोटे दायरे में कारोबार करने की संभावना है, लेकिन इनका रुझान सकारात्मक दिख रहा है।
इस समय हमारे शेयर बाजार जमने की कोशिश (कंसोलिडेशन) कर रहे हैं। काफी समय से हमारे बाजारों में एक दायरे में कारोबार दिख रहा है। जब भी बाजार ऊपर की ओर इस दायरे को तोड़ने की कोशिश करते हैं, तो इनमें मुनाफावसूली आरंभ हो जाती है। दूसरी ओर जब भी बाजारों में गिरावट आती है, इनमें खरीदारी शुरू हो जाती है। आज के कारोबार में निफ्टी के लिए नीचे की ओर 4,600 पर और फिर उसके बाद 4,550 पर महत्वपूर्ण समर्थन है। दूसरी ओर निफ्टी के लिए ऊपर की ओर 4,700-4,750 के स्तरों पर बाधा दिख रही है। हाल-फिलहाल यह बाधा टूटती नजर नहीं आ रही है, क्योंकि अच्छी तेजी के लिए हमारे बाजारों के सामने कोई खबर ही नहीं है। आम तौर अंतरराष्ट्रीय बाजारों और खास कर अमेरिकी बाजारों के लिए सितंबर के महीने में दिक्कतें रहती हैं। ऐसे में भारतीय बाजारों का प्रदर्शन इससे अधिक बेहतर रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती। छोटे निवेशकों के लिए सलाह है कि जब भी मौका मिले, वे थोड़ी-थोड़ी मुनाफावसूली करते रहें। (शेयर मंथन, 07 सितंबर 2009) |
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Last Updated ( Monday, 07 September 2009 09:03 )
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