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मानसून निराश न करे तो निफ्टी 6000 पर |
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 राम गुप्ता, प्रेसिडेंट, यूनिकॉन फाइनेंशियल सॉल्यूशंसअभी भारतीय शेयर बाजार थोड़े समय के लिए बिना किसी खास हलचल के रहेगा, लेकिन मोटे तौर पर नजरिया तेजी का ही बन रहा है।
अभी निफ्टी कुछ समय तक 5100-5200 के बीच सिमटा रह सकता है। लेकिन मुझे उम्मीद है कि अगर मानसून निराश नहीं करे और औसत भी रह जाये तो इस साल के अंत तक निफ्टी अपने शिखर के करीब चला जायेगा। अगर यह 6300 के ऊपर नहीं भी जाये तो करीब 6000 तक जाने की उम्मीद रहेगी। भारतीय कंपनियों का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है और इनके मुनाफे में करीब 45% की बढ़त दिखी है। सरकार को भी काफी पैसा मिल गया है, जिससे यह वित्तीय घाटे को लेकर भी काफी सुविधाजनक स्थिति में आ गयी है। थोड़ी चिंता नकदी (लिक्विडिटी) को लेकर है। लेकिन उम्मीद है कि अगले 2-3 महीनों में महँगाई दर का दबाव हल्का पड़ जायेगा। तब आरबीआई नकदी और ब्याज दरों को लेकर ज्यादा सख्त नहीं रहेगा। लिहाजा इस समय मानसून ही बाजार के लिए सबसे मुख्य संकेत रहेगा। हम यह मान कर चल रहे हैं कि औसत मानसून भी बाजार के लिए सकारात्मक होगा। अगर मानसून अच्छा हो गया तो यह एक अतिरिक्त फायदा होगा। बुनियादी ढाँचा, बैंकिंग और वित्त, और बिजली उत्पादन और वितरण क्षेत्र के शेयर अच्छी बढ़त दिखा सकते हैं। अगर सरकार ने तेल-गैस क्षेत्र पर नियंत्रण-मुक्त करने की ओर कदम बढ़ाया तो वह भी तेज बढ़त वाले क्षेत्रों की सूची में आ जायेगा। हाल की तेजी को छोड़ दें तो यह क्षेत्र पिछले साल भर में बाजार से काफी धीमा रहा है। (शेयर मंथन, 04 जून 2010) |
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Last Updated ( Friday, 04 June 2010 12:09 )
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