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इस उछाल के बाद भी बाजार अपने दायरे में ही |
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सप्ताह के अंत में बाजार में अचानक इस तरह की उछाल कुछ चौंकाने वाली तो है। लेकिन इस उछाल के बाद भी बाजार अपने दायरे के अंदर ही है।
बाजार को रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी जैसे दिग्गजों से मजबूती मिली है। मेरा मानना है कि इस समय बाजार में ज्यादा नकारात्मक संकेत नहीं हैं। बाजार का मौजूदा दायरा बड़े साफ ढंग से दिख रहा है, जिसमें निफ्टी की निचली सीमा 4525 और ऊपरी सीमा 4750 की है। जब तक यह दायरा बना रहेगा, तब तक बाजार में कोई नयी चाल नहीं आ सकेगी। लेकिन यह दायरा अगर ऊपर की ओर टूटता है तो एक नयी तेजी की उम्मीद की जा सकती है और अगर दायरा नीचे टूटा तो बाजार पर दबाव गहरा सकता है। फिलहाल मानसून की स्थिति सँभलने और एडवांस टैक्स के आँकड़ों पर बाजार की नजर है। दूसरी ओर बाजार के सामने ज्यादा नकारात्मक बातें नहीं हैं। एक नकारात्मक बात यह हो सकती है कि कहीं अमेरिका में हेड फंडों से जुड़े नियमों में बदलाव के चलते उनसे आ रही नकदी की धारा कमजोर न पड़ जाये। इस बात की संभावना काफी रहेगी कि निफ्टी 4750 के स्तर को तोड़ कर नयी चाल पकड़ ले। लेकिन ऐसा तुरंत होने के बदले अक्टूबर में होने की उम्मीद ज्यादा रहेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकदमे का फैसला अक्टूबर में ही आना है और अगर उस फैसले को ध्यान में रखते हुए रिलायंस में खरीदारी आकर्षित होती है तो इससे बाजार को मजबूती मिलेगी। (शेयर मंथन, 04 सितंबर 2009) |
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Last Updated ( Saturday, 05 September 2009 15:52 )
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