
भारतीय शेयर बाजार की मौजूदा तेजी के संदर्भ में अभी यह कहना मुश्किल है कि निफ्टी 5100 के पास अटकेगा या इसके आगे 5200-5250 तक भी जा सकेगा।
लेकिन हम अभी अपने खरीदारी सौदों की संख्या घटा कर उन्हें रखे रहने की रणनीति पर चल रहे हैं। मतलब यह कि जो खरीदारी सौदे हैं, उनमें हम 50% मुनाफावसूली कर रहे हैं। जिन शेयरों में लक्ष्य भाव पूरे हो रहे हैं, उनसे भी हम निकल जा रहे हैं। हालाँकि कई शेयरों में अब जा कर नयी चाल आ रही है, लिहाजा यह नहीं कहा जा सकता कि मौके अभी खत्म हो गये हैं। इस बार की तेजी में भविष्यवाणी करना भले ही मुश्किल हो रहा हो, लेकिन सौदों के लिए काफी फायदेमंद मौके मिलते रहे हैं। कारोबारियों के लिए यह तेजी काफी व्यवस्थित रही है, जिसमें वापस निचले स्तर भी मिलते रहे हैं। लिहाजा घाटा काटने (स्टॉप लॉस) के स्तर तय करके सौदे करना फायदेमंद रहा है। हालाँकि अगर बाजार की धारणा को देखें तो जब भी ज्यादातर लोग मंदी की बातें करते हैं तो बाजार तेज हो जाता है। हाल में जब उछाल आनी शुरू हो रही थी तो लोग इसे शक की नजर से ही देख रहे थे। अब फिर से यह समझना होगा कि लोगों की धारणा में क्या बदलाव आया है। जब भी किसी पुराने दिन की तलहटी टूटे तो वहाँ सावधान हो जाना बेहतर होगा। फिलहाल अगर निफ्टी 4980 के नीचे जाये तो वह सावधान होने का पहला संकेत होगा। इसके बाद 4880 पर नजर रखनी होगी इस बार मँझोले शेयरों ने तेजी की शुरुआत की और कई बार ऐसी तेजी लोगों की उम्मीदों से आगे चली जाती है। इसका कारण यही है कि लोग ऐसी तेजी को शक की नजर से देखते रहते हैं। लेकिन होता यह है कि दिग्गज शेयरों में बाद में चाल आने से वह तेजी ज्यादा लंबे समय तक टिक जाती है। संजीव अग्रवाल, निदेशक, डायनामिक्स रिसर्च (Sanjeev Agarwal, Director, Dynamix Research) (शेयर मंथन, 20 जनवरी 2012) |
Comments
par nhi trit krta ho
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