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दलाल स्ट्रीट पर फिर दायरे का दौर |
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Written by शेयर मंथन
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Thursday, 17 June 2010 09:31 |
चेतन शर्मा, सलाहकार संपादक, जी बिजनेस
पल भर के लिए कोई बाजार से प्यार कर ले झूठा ही सही दो दिन के लिए
कोई इकरार कर ले झूठा ही सही हमने बहुत बाजार को छुप-छुप के देखा मन में खींची है मुनाफे की रेखा पर नहीं तय कर पाया पूँजी की लक्ष्मण रेखा गलती हो गयी नहीं दिमाग से कुछ परखा किस्मत ने सर के बल उठा के फिर फेंका भला कैसे अपनी गलती कोई स्वीकार कर ले पल भर के लिए कोई बाजार से प्यार कर ले झूठा ही सही हीरे से जडे बाजार के नैन बड़े जिस दिन से लड़े नुकसान के दर पर पड़े खयाल में मुनाफे के थे हीरे जड़े गिर गया बाजार तब से हैं हम झड़े झड़े हुए में कोई कैसे ऐतबार कर ले झूठा ही सही पल भर के लिए कोई बाजार से प्यार कर ले झूठा ही सही दो दिन के लिए कोई इकरार कर ले झूठा ही सही कल वॉल स्ट्रीट पर गृह क्षेत्र ने मचाया बवाल अंत में हालाँकि खरीदारों ने लिया सँभाल चाहे हो फुटबॉल मैच या शेयर बाजार मुंबई की बरसात या तकदीर कुछ नहीं है तय कुछ नहीं है पक्का जिस तरह कल यूरोपियन चैंपियन स्पेन को लगा धक्का और अब भारत में अमीर होंगे और अमीर डायरेक्ट टैक्स कोड बदलेगी तकदीर कम आयकर से घर, गाड़ी और टीवी खरीदने की मचेगी भीड़ मुकेश अंबानी ले सकते हैं फोर्टिस में हिस्सा आरकैप ले सकती है यूटीवी में हिस्सा यूलिप पर कर छूट का खत्म हो सकता है किस्सा और दलाल स्ट्रीट पर रहेगा दायरे का दौर बस इस पर नहीं कह सकते कुछ और (शेयर मंथन, 17 जून 2010) |
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Last Updated ( Thursday, 17 June 2010 09:42 )
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