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सीमेंट
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एसीसी लिमिटेड भारत की दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट उत्पादक कंपनी है।
पोर्टलैंड सीमेंट के साथ-साथ यह बल्क सीमेंट और रेडी-मिक्स्ड कंक्रीट भी बनाती है। देश भर में इसके 9000 से ज्यादा डीलर हैं। वर्ष 1936 में स्थापित इस कंपनी के 14 सीमेंट प्लांट और 30 से ज्यादा रेडी-मिक्स्ड कंक्रीट प्लांट हैं। साल 2008 में कंपनी का कुल उत्पादन 2.08 करोड़ टन रहा, जो पिछले साल के 1.99 करोड़ टन उत्पादन के मुकाबले 4.5% ज्यादा है। साल 2008 में कंपनी की कंसोलिडेटेड बिक्री 8,000 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल के 7221.7 करोड़ रुपये से 10.7% अधिक है। 2008 में कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 1,009.6 करोड़ रुपये था, जबकि साल 2007 में यह 1427.33 करोड़ रुपये रहा था। एसीसी लिमिटेड सीमेंट और कंक्रीट की तकनीक में अगुआ कंपनी रही है। इसका पिछला नाम एसोसिएटेड सीमेंट कंपनी लिमिटेड था। अपनी स्थापना से लेकर साल 2000 तक कंपनी टाटा समूह से जुड़ी रही। 1999 और 2000 में टाटा समूह ने एसीसी में अपनी 14.45% हिस्सेदारी गुजरात अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड को बेच दी। साल 2005 में एसीसी स्विटजरलैंड के होलसिम समूह का हिस्सा बन गयी। एसीसी लिमिटेड ने रेडी-मिक्स्ड कंक्रीट कारोबार को 100 करोड़ रुपये में अपनी सब्सिडियरी कंपनी एसीसी कंक्रीट को बेच दिया है। 1 जनवरी 2008 से लागू हुए इस सौदे के बाद कंपनी का सीमेंट कारोबार एक अनुभाग में संगठित हो गया है। स्विटजरलैंड की सीमेंट कंपनी होलसिम लिमिटेड की एसीसी लिमिटेड में 46.22% हिस्सेदारी है और यह इसकी सबसे बड़ी शेयरधारक है। एसीसी में होलसिम की यह हिस्सेदारी इसकी निवेश शाखा होल्डेरिंड इन्वेस्टमेंट और अंबुजा सीमेंट की मार्फत है। कंपनी को ‘इंडिया कॉर्पोरेट सिटिजन ऑफ ईयर 2008’ का पुरस्कार मिला है। |
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Last Updated ( Tuesday, 09 June 2009 15:55 )
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