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फॉर्मा
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सिप्ला का नाम दवा बनाने वाली देश की अग्रणी कंपनियों के साथ आता है।
ख्वाजा अब्दुल हमीद द्वारा वर्ष 1935 में स्थापित द कैमिकल इंडस्ट्रियल एंड फार्मास्युटिकल लैबोरेटरीज 17 अगस्त, 1935 को पब्लिक कंपनी के रूप में पंजीकृत हुई। स्थापना के समय इसकी अधिकृत पूँजी महज छह लाख रुपये थी। वास्तव में सिप्ला की औपचारिक यात्रा 22 सितंबर, 1937 को शुरू हुई, जब इसका पहला उत्पाद बाजार में उतारा गया। मौजूदा समय में कंपनी विश्व के 160 देशों को दवाओं का निर्यात करती है। कंपनी के संस्थापक ख्वाजा अब्दुल हमीद के पुत्र डॉक्टर युसुफ हमीद कैंब्रिज से कैमिस्ट्री में डॉक्ट्रेट की उपाधि हासिल कर सिप्ला में शामिल हुए। वर्तमान में वह कंपनी के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक हैं। वित्त वर्ष 2008-09 में कंपनी के शुद्ध मुनाफे में 9.4% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान इसका शुद्ध मुनाफा 701.4 करोड़ रुपये से बढ़ कर 767.8 करोड़ रुपये हो गया। दूसरी ओर कंपनी कुल आय 25% से बढ़कर 5,338.3 करोड़ रुपये रही। हाल में विश्व स्वास्थ्य संघ ने सिप्ला की स्वाइन-फ्लू दवा को प्रीक्वालिफाइड ड्रग की सूची में शामिल किया है। कंपनी की एचआईवी दवा को अमेरिकी औषधि नियंत्रक से अस्थायी तौर पर मंजूरी मिली है। |
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Last Updated ( Thursday, 11 June 2009 15:03 )
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