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बैंकिंग
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देश के सबसे बड़े निजी बैंक आईसीआईसीआई बैंक के पास 1,449 शाखाओं का नेटवर्क है।
मूल रूप से आईसीआईसीआई बैंक की स्थापना साल 1994 में आईसीआईसीआई लिमिटेड द्वारा की गयी। आईसीआईसीआई लिमिटेड देश का एक अग्रणी वित्तीय संस्थान था, जिसे साल 1955 में विश्व बैंक, भारत सरकार और उद्योग के प्रतिनिधियों की पहल से स्थापित किया गया था। इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य घरेलू उद्योगों को मध्य अवधि और दीर्घ अवधि के लिए वित्तीय मदद प्रदान करना था। हालाँकि नब्बे के दशक में कंपनी ने अपने कारोबार का विस्तार कर विभिन्न उत्पाद और सेवाओं के क्षेत्र में कदम रखा। इस दौरान ही इसने आईसीआईसीआई बैंक नाम से एक सहायक शाखा भी स्थापित की। देश के बैंकिंग क्षेत्र में बदलते परिदृश्य और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए मूल कंपनी के निदेशक बोर्ड ने बैंक का कंपनी में विलय करने का मन बनाया और अक्तूबर 2001 में आईसीआईसीआई और आईसीआईसीआई बैंक के निदेशक बोर्ड ने विलय प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। जनवरी 2002 में शेयरधारकों ने भी प्रस्ताव को मंजूर कर लिया और अप्रैल 2002 को रिजर्व बैंक ने प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी। इस तरह आईसीआईसीआई बैंक लगातार विकास के पथ पर अग्रसर है और न केवल देश में बल्कि विदेश में भी अपनी मजबूत पैठ बना चुका है। आज यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है। कारोबारी साल 2008-09 में बैंक का शुद्ध लाभ लगभग 9% गिर कर 3,578.1 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान बैंक की आय में भी गिरावट आयी और यह 2% घट कर 38,696.2 करोड़ रुपये रही। |
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Last Updated ( Thursday, 11 June 2009 15:38 )
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