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बैंकिंग
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हैंडलूम उद्योग से संबंधित लोगों को वित्तीय सहायता मुहैया कराने के उद्देश्य से साल 1925 में सिंडिकेट बैंक की स्थापना की गयी और इसका पहला कार्यालय कर्नाटक के उडुप्पी में खोला गया। उस समय इसका नाम कनारा इंडस्ट्रियल एंड बैंकिंग सिंडिकेट लिमिटेड रखा गया था। एक कारोबारी, एक चिकित्सक और एक इंजीनियर इन तीनों लोगों ने मिल कर 8,000 रुपये से इस बैंक की शुरुआत की। साल 1957 में इसकी 100वीं शाखा खुली और इसके बाद इसने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। इसके सात साल बाद 1964 ई. में इसका नाम बदल कर सिंडिकेट बैंक कर दिया गया और इसका मुख्य कार्यालय भी उडुप्पी से हटा कर मनिपाल स्थांतरित कर दिया गया। 19 जुलाई 1969 को अन्य 13 वाणिज्यिक बैंकों के साथ इसका भी राष्ट्रीयकरण कर दिया गया। साल 1978 में इसने अपनी 1000वीं शाखा खोली और इस समय इसकी 2100 से अधिक शाखाएँ ग्राहकों की सेवा कर रही हैं। साल 2008-09 में सिंडिकेट बैंक का शुद्ध लाभ 931.52 करोड़ रुपये रहा, जबकि इस दौरान इसे 10,440.02 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। कारोबारी साल 2009-10 की पहली तिमाही में बैंक को 261.56 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जबकि ठीक पिछले साल की इसी तिमाही में इसका शुद्ध मुनाफा 87.89 करोड़ रुपये रहा था। अप्रैल-जून तिमाही 2009 में बैंक की कुल आमदनी 2,974.86 करोड़ रुपये रही, जबकि साल 2008-09 की पहली तिमाही में इसे 2,278.8 करोड़ रुपये की आय हुई थी।
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Last Updated ( Monday, 19 October 2009 12:28 )
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