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धातु
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देश की सबसे बड़ी इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की स्थापना वर्ष 1973 में की गयी थी। कुल 2,000 करोड़ रुपये की आधिकारिक पूँजी के साथ इस कंपनी को भिलाई, दुर्गापुर, बोकारो, बर्नपुर और राउरकेला के इस्पात संयंत्रों के प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गयी। भारत सरकार ने सेल को नवरत्न का दर्जा दिया है और सेल में इसकी तकरीबन 86% हिस्सेदारी है। उपरोक्त पाँच समेकित इस्पात संयंत्रों के अलावा कंपनी के पास दुर्गापुर के एलॉय स्टील प्लांट, कर्नाटक के विश्ववैश्वरैया ऑयरन एंड स्टील लिमिटेड और तमिलनाडु के सलेम स्टील प्लांट की जिम्मेदारी भी है। इसके अलावा महाराष्ट्र में स्थित महाराष्ट्रा एलेक्टो-स्मेल्ट लिमिटेड (एमईएल) भी सेल की ही सहायक कंपनी है। कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही 2009 में 30 लाख टन से अधिक इस्पात की बिक्री की है, जो पिछले साल की इसी अवधि में इसकी बिक्री से 14% अधिक है। कारोबारी साल 2008-09 में कंपनी को 44,208.43 करोड़ रुपये की आमदनी हुई, जबकि इस दौरान इसका मुनाफा 6,174.81 करोड़ रुपये रहा। अप्रैल-जून तिमाही 2009 में कंपनी ने 9,152.79 करोड़ रुपये की आमदनी की है, जबकि इसे 1,326.09 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है।
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Last Updated ( Monday, 19 October 2009 16:45 )
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